Wednesday, October 7, 2026
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CG News: अंबिकापुर में भाजपा नेताओं पर कानूनी शिकंजा, रवीन्द्र तिवारी पर आदिवासी समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप

CG News: गौरी शंकर गुप्ता/अंबिकापुर। अनुपम वस्त्रालय प्रकरण को लेकर चल रहा विवाद अब लगातार नए कानूनी मोड़ ले रहा है। पीड़िता के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और अनुसूचित जनजाति समाज को लेकर कथित अपमानजनक बयान देने के आरोप में पुलिस ने भाजपा नेता रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं, एक अन्य मामले में भाजपा नेता धीरज सिंह के खिलाफ भी कथित गाली-गलौज, धमकी और जातिगत टिप्पणी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

पीड़िता पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद, संगठनों ने की कार्रवाई की मांग

जानकारी के अनुसार, रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ शिकायतकर्ता सुनीता सोनहा सहित विभिन्न संगठनों ने 15 सितंबर को पुलिस के समक्ष शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने के दौरान तिवारी ने अनुपम वस्त्रालय प्रकरण की पीड़िता के संबंध में सार्वजनिक रूप से कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की।

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शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि तिवारी ने शकरगढ़ में किसी दुकानदार से जुड़ी पूर्व की कथित घटना का भी उल्लेख किया था और उसे मौजूदा मामले से जोड़ने की बात कही थी। शिकायतकर्ताओं ने इस दावे की सत्यता की जांच कराने तथा संबंधित थाने के रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि करने की मांग की थी।

आदिवासी समाज पर कथित टिप्पणी को लेकर भी शिकायत

विवाद केवल पीड़िता से जुड़ी टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अनुसूचित जनजाति समुदाय को लेकर भी कथित तौर पर ऐसी टिप्पणी की गई, जिसे सामाजिक संगठनों ने अपमानजनक बताया।

सर्व आदिवासी समाज की महिला प्रकोष्ठ सहित विभिन्न संगठनों ने आरोपों को गंभीर बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। संगठनों का कहना था कि किसी समुदाय के प्रति कथित अपमानजनक बयान से सामाजिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

SC-ST एक्ट और BNS की कई धाराओं में FIR

पुलिस ने रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ FIR क्रमांक 0015/2026 दर्ज की है। मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(r), 3(1)(u), 3(1)(w)(ii) और 3(2)(va) लगाई गई हैं।

इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196(1) और 353(2) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित बयानों से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।

अनुपम वस्त्रालय विवाद के बाद गरमाया था मामला

दरअसल, पूरा विवाद अंबिकापुर के स्कूल रोड स्थित अनुपम वस्त्रालय से जुड़े मामले के बाद सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 11 अगस्त 2026 की घटना के संबंध में सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 0563/2026 के तहत BNS की धारा 74 और 351(3) में मामला दर्ज किया गया था।

इसके बाद पीड़िता के पक्ष में न्याय की मांग को लेकर सामाजिक संगठनों ने आवाज उठाई। इसी दौरान पीड़िता के चरित्र और मामले को लेकर सार्वजनिक रूप से की जा रही कथित बयानबाजी ने विवाद को और बढ़ा दिया।

धीरज सिंह के खिलाफ भी अलग FIR

इसी बीच भाजपा नेता धीरज सिंह के खिलाफ भी एक अलग मामले में FIR दर्ज की गई है। कलेक्ट्रेट मैदान के पीछे गेट के पास कथित गाली-गलौज, धमकी और जातिगत टिप्पणी के आरोप में पुलिस ने FIR क्रमांक 0702/2026 दर्ज की है।शिकायतकर्ता आकांक्षा टोप्पो की शिकायत पर धीरज सिंह के खिलाफ BNS की धारा 296, 351(1), 78(1) तथा SC-ST एक्ट की धारा 3(1)(r-s) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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FIR के बाद अब पुलिस जांच पर टिकी नजर

दोनों मामलों में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अब आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने के साथ कथित बयानों, वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर सकती है।

हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज होना अपने आप में अपराध सिद्ध होना नहीं है। आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में तय होगी।फिलहाल दोनों मामलों की वजह से अंबिकापुर में अनुपम वस्त्रालय प्रकरण एक बार फिर चर्चा में है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर मामले में आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

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