Chandigarh Excise Policy 2026 : चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने अपनी नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसमें शराब की बिक्री को अधिक पारदर्शी, नियंत्रित और आधुनिक बनाने के लिए कई कड़े कदम उठाए गए हैं। नई नीति के तहत शहर में कुल 97 शराब की दुकानों को मंजूरी दी गई है। इस बार प्रशासन ने केवल राजस्व ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और शराब तस्करी पर लगाम लगाने के लिए तकनीक का सहारा लिया है।
डिजिटल पेमेंट और अल्कोहल मीटर अनिवार्य
उपभोक्ताओं की सुविधा और वित्तीय पारदर्शिता के लिए प्रशासन ने दो महत्वपूर्ण नियम लागू किए हैं:
- कैशलेस इकोनॉमी: अब शहर की हर शराब दुकान पर डिजिटल पेमेंट (कार्ड और POS मशीन) अनिवार्य होगा। ग्राहकों को अब नकद के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
- अल्कोहल मीटर: बार, होटल और रेस्टोरेंट में अल्कोहल मीटर (शराब की मात्रा जांचने वाली मशीन) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोग जिम्मेदारी से शराब पिएं और तय सीमा का उल्लंघन न हो।
निगरानी के लिए ‘स्मार्ट’ तकनीक का पहरा
अवैध शराब की बिक्री और तस्करी रोकने के लिए प्रशासन ने निगरानी के कड़े मापदंड तय किए हैं:
- GPS ट्रैकिंग: शराब ले जाने वाली हर गाड़ी में GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा, ताकि हर खेप की रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सके।
- लाइव मॉनिटरिंग: बोतलिंग प्लांट और दुकानों पर CCTV कैमरों के जरिए लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
- प्लांट की क्षमता: बोतलिंग प्लांट अब हफ्ते में 6 दिन काम कर सकेंगे, जिससे आपूर्ति श्रृंखला सुचारू बनी रहे।
कीमतों में मामूली बढ़ोतरी और सुव्यवस्थित वातावरण
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय शराब, बीयर और वाइन की कीमतों में अधिकतम 2 फीसदी तक की ही बढ़ोतरी हो सकती है।
- संगठित खुदरा बिक्री: मॉल और संगठित खुदरा स्थानों पर बिक्री की अनुमति से उपभोक्ताओं को एक सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिलेगा।
- अवैध व्यापार पर लगाम: सरकार का मानना है कि पारदर्शी प्रक्रिया और सख्त निगरानी से अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगेगी।











