Chandalpur Renamed Chandanpur : कवर्धा (08 फरवरी 2026): कबीरधाम जिले के एक छोटे से गांव के लिए आज का दिन किसी त्योहार से कम नहीं है। पीढ़ियों से ‘चंडालपुर’ जैसे असहज करने वाले नाम का बोझ ढो रहे ग्रामीणों को अब नई और गरिमामयी पहचान मिल गई है। राज्य सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस गांव का नाम बदलकर चंदनपुर कर दिया है।
शर्मिंदगी से सम्मान तक का सफर
ग्रामीणों के अनुसार, ‘चंडालपुर’ नाम होने के कारण उन्हें बाहरी क्षेत्रों में अक्सर उपहास और मानसिक असहजता का सामना करना पड़ता था। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि जब भी वे अपने बच्चों के रिश्ते के लिए बाहर जाते या किसी सरकारी दफ्तर में गांव का नाम बताते, तो लोग उन्हें विचित्र नजरिए से देखते थे। इस नाम के कारण युवाओं को नौकरी और सामाजिक कार्यक्रमों में भी कई बार शर्मिंदगी उठानी पड़ती थी।
राजपत्र में प्रकाशित हुई सूचना
ग्रामीणों ने लंबे समय से शासन-प्रशासन से नाम बदलने की गुहार लगाई थी। जिला प्रशासन के माध्यम से भेजे गए प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए राज्य शासन ने अब इसे आधिकारिक रूप से चंदनपुर घोषित कर दिया है। राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की खबर जैसे ही गांव पहुँची, लोग खुशी से झूम उठे।
पूरे गांव में जश्न का माहौल
नाम परिवर्तन की आधिकारिक पुष्टि होते ही चंदनपुर (पूर्व चंडालपुर) में उत्सव जैसा माहौल बन गया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया और मिठाइयां बांटकर इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया।
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ग्रामीणों का कहना है: “अब हमें अपना पता बताते समय हिचकिचाहट नहीं होगी। यह केवल नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि हमारे आत्मसम्मान की बहाली है।”
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युवाओं में उत्साह: गांव के युवाओं का मानना है कि अब वे गर्व से अपने गांव की पहचान बता सकेंगे और नाम के कारण होने वाला मजाक अब बीते कल की बात हो जाएगी।
यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि विकास केवल सड़कों और बिजली से नहीं, बल्कि नागरिक के आत्मसम्मान और उसकी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने से भी आता है।













