CG PG Medical Admission 2025: रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य चिकित्सा स्नातकोत्तर (पीजी) प्रवेश शैक्षणिक सत्र 2025 के लिए राज्य कोटे की प्रथम चरण की काउंसलिंग की आवंटन प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों के शैक्षणिक हितों और भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन चिकित्सा परामर्श समिति (MCC) द्वारा निर्धारित अनिवार्य समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए यह आवंटन जारी करने का निर्णय लिया है।
यह काउंसलिंग प्रक्रिया वर्तमान में कानूनी प्रक्रियाओं के बीच संचालित हो रही है। उल्लेखनीय है कि समृद्धि दुबे बनाम छत्तीसगढ़ राज्य प्रकरण (WPC 5937/2025) में पारित निर्णय के विरुद्ध राज्य शासन ने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 18 दिसंबर 2025 को आदेश देते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर को स्पष्टीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य काउंसलिंग समिति ने आधिकारिक सूचना में स्पष्ट किया है कि वर्तमान काउंसलिंग प्रक्रिया और इसके अंतर्गत किए गए सभी सीट आवंटन पूर्णतः अस्थाई हैं। यह पूरी प्रक्रिया डब्लूपीसी क्रमांक 6449/2025 (प्रभाकर चंद्रवंशी बनाम छत्तीसगढ़ राज्य) सहित अन्य संबंधित याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। इस मामले में अगली महत्वपूर्ण सुनवाई छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मार्च 2026 में प्रस्तावित है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि काउंसलिंग में देरी से शैक्षणिक सत्र और अखिल भारतीय कोटे की सीटों के साथ समन्वय बिगड़ सकता था, इसलिए शासन ने ‘अंतिम निर्णय के अधीन’ रहने की शर्त पर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना है। इससे उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है जो आवंटन सूची का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
काउंसलिंग समिति ने सभी संबंधित हितधारकों और अभ्यर्थियों को विशेष सलाह दी है कि वे भविष्य के किसी भी अपडेट या कानूनी बदलावों के लिए आधिकारिक वेबसाइट और काउंसलिंग समिति द्वारा जारी की जाने वाली सूचनाओं पर सतत रूप से नजर बनाए रखें। आवंटन के बाद प्रवेश लेने वाले छात्रों का भविष्य अब हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।
वर्तमान में जारी आवंटन सूची के अनुसार छात्रों को आवंटित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। शासन का प्रयास है कि कानूनी पेचीदगियों के बावजूद राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में पीजी सीटों पर शैक्षणिक कार्य समय पर प्रारंभ किया जा सके।













