CG NEWS : बेवजह पति से अलग रहने पर पत्नी को नहीं मिलेगा गुजारा-भत्ता: हाईकोर्ट ने खारिज की अपील, कहा- ठोस कारण जरूरी

Sanjay Sahu
CG NEWS

CG NEWS : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि पत्नी बिना पर्याप्त कारण के पति से अलग रहती है, तो वह भरण-पोषण की हकदार नहीं है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए महिला की अपील खारिज कर दी।

CG NEWS : यह मामला रायगढ़ की एक महिला से जुड़ा है, जिसने अपने पति से भरण-पोषण की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी। महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से उसे दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, और बाद में पति ने उसे मायके में छोड़ दिया। महिला ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए हर महीने ₹20,000 भत्ता देने की मांग की थी, यह कहते हुए कि पति की मासिक आय ₹70,000 है।

CG NEWS : पति ने दी सफाई

CG NEWS : पति ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पत्नी बिना किसी ठोस कारण के अलग रह रही है और झूठे केस में फंसाने की धमकी देती थी। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद रायगढ़ की फैमिली कोर्ट ने 27 सितंबर 2021 को महिला की अर्जी खारिज कर दी थी।

CG NEWS : घरेलू हिंसा केस से भी बरी

CG NEWS : महिला द्वारा दर्ज कराए गए घरेलू हिंसा के मामले में भी पति और उसके परिजनों को अदालत से राहत मिली है। रायगढ़ की जेएमएफसी कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था, हालांकि महिला ने इस फैसले को भी चुनौती दी है और वह मामला अब भी लंबित है।

CG NEWS : हाईकोर्ट ने क्या कहा?

CG NEWS : चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि महिला अपनी मर्जी से पति से अलग रह रही है और उसने कोई ठोस कारण पेश नहीं किया है। ऐसे हालात में वह भरण-पोषण की हकदार नहीं मानी जा सकती।

CG NEWS : हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पत्नी यदि पति से अलग रह रही है तो उसे यह साबित करना होगा कि उसके पास ऐसा करने का वैध और गंभीर कारण है। केवल आरोप लगाने मात्र से भरण-पोषण की मांग उचित नहीं ठहराई जा सकती। इस फैसले को भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *