CG NEWS : फकरे आलम खान/दंतेवाड़ा – बचेली : राज्यसभा में प्रस्तुत सेवारत शिक्षकों को TET से छूट प्रदान किए जाने संबंधी संशोधन विधेयक का शालेय शिक्षक संघ ने जोरदार स्वागत करते हुए इसे शिक्षकों के अर्जित सेवा अधिकारों, पदोन्नति, वरिष्ठता तथा सेवा सुरक्षा की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण पहल बताया है।
CG NEWS : संघ ने कहा कि लंबे समय से यह मांग उठाई जाती रही है कि RTE Act, 2009 से पूर्व वैध नियमों एवं चयन प्रक्रिया के तहत नियुक्त शिक्षकों पर बाद में लागू की गई TET जैसी अतिरिक्त योग्यता को पिछली तिथि से लागू करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि सेवा न्याय और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के भी प्रतिकूल है।
CG NEWS : प्रस्तुत विधेयक इस मूल भावना को स्पष्ट करता है कि पुराने/सेवारत शिक्षकों की सेवा निरंतरता, पदोन्नति, वरिष्ठता, वेतनमान एवं सेवानिवृत्ति लाभ TET के अभाव में प्रभावित नहीं किए जा सकते। संघ ने इसे शिक्षक सम्मान, सेवा सुरक्षा और प्रशासनिक न्याय की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया है।
CG NEWS : शालेय शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष श्री संतोष मिश्रा ने कहा कि यह विधेयक केवल TET से छूट का विषय नहीं है, बल्कि यह हजारों सेवारत शिक्षकों के अर्जित सेवा अधिकारों की संवैधानिक और नैतिक रक्षा का दस्तावेज है। जो शिक्षक वर्षों से दूरस्थ, ग्रामीण और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में निष्ठा के साथ शिक्षा का दायित्व निभा रहे हैं, उन्हें बाद में लागू की गई शर्तों के आधार पर पदोन्नति, वरिष्ठता और सेवा लाभों से वंचित करना कभी भी न्यायसंगत नहीं हो सकता। यह विधेयक शिक्षकों के आत्मसम्मान और सेवा सुरक्षा को मजबूत करने वाला सकारात्मक प्रयास है। संघ की अपेक्षा है कि इस विधेयक को शीघ्र पारित कर विधिक स्वरूप दिया जाए, ताकि देशभर के लाखों सेवारत शिक्षकों की वर्षों पुरानी पीड़ा का समाधान हो सके। श्री शैलेश सिंह ने कहा कि शिक्षक नियुक्ति के समय जो नियम, योग्यता और प्रक्रिया वैध थी, उसी के आधार पर सेवा में आए थे।
CG NEWS : ऐसे में वर्षों बाद नई योग्यता को अनिवार्य बनाकर सेवा सुरक्षा या पदोन्नति पर प्रश्नचिह्न लगाना पूरी तरह अनुचित है। यह विधेयक स्पष्ट करता है कि TET भविष्य की नियुक्तियों के लिए हो सकती है, परंतु पूर्व से सेवा दे रहे शिक्षकों के अधिकारों को प्रभावित करने का आधार नहीं बन सकती। यह व्यवस्था न्याय, तर्क और संवैधानिक समानता के अनुरूप है। कुलदीप सिंह चौहान ने कहा कि यह विधेयक शिक्षकों की पदोन्नति, वरिष्ठता और सेवा लाभों को सुरक्षित करने वाला एक अत्यंत दूरदर्शी कदम है। शिक्षक केवल नौकरी नहीं करते, वे समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला तैयार करते हैं। ऐसे में जो शिक्षक दशकों से सेवा दे रहे हैं, उन्हें बाद में लागू हुई योग्यता के नाम पर प्रताड़ित करना उचित नहीं है। यह संशोधन शिक्षकों को सम्मानजनक सेवा वातावरण और न्यायपूर्ण प्रशासनिक संरक्षण प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। शालेय शिक्षक संघ इस विधेयक का पूर्ण समर्थन करता है और इसे जल्द से जल्द कानून का स्वरूप देने की मांग करता है।
CG NEWS : शालेय शिक्षक संघ ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की है कि विधेयक को शीघ्र पारित कर कानून बनाया जाए। सेवारत शिक्षकों की पदोन्नति, वरिष्ठता एवं सेवा लाभ TET के आधार पर कहीं भी न रोके जाएं। सभी राज्यों/विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं, ताकि सेवा में कार्यरत शिक्षकों के अधिकार सुरक्षित रहें।
CG NEWS : शालेय शिक्षक संघ ने कहा कि यह विधेयक केवल एक विधायी संशोधन नहीं, बल्कि शिक्षकों के वर्षों के संघर्ष, सेवा न्याय और प्रशासनिक संवेदनशीलता की जीत है। संघ ने आशा व्यक्त की कि केंद्र व राज्य सरकार शिक्षकों की भावनाओं और सेवा अधिकारों का सम्मान करते हुए इस महत्वपूर्ण विधेयक को शीघ्र प्रभावी रूप प्रदान करेगी।











