CG NEWS : गौरी शंकर गुप्ता /घरघोड़ा। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि शिक्षा विभाग में शिक्षक पद पर कार्यरत कुछ कर्मचारी फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर वर्षों से नौकरी कर रहे हैं।
CG NEWS : आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार विभाग में कुल 11 दिव्यांग शिक्षक कार्यरत हैं, जो विभिन्न गांवों और नगरों के स्कूलों में पदस्थ हैं। प्राप्त दस्तावेजों की पड़ताल में यह सामने आया कि इनमें से दो व्यक्तियों ने कूटरचित तरीके से फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाए हैं और इसी के आधार पर शासन और प्रशासन को धोखा देकर लंबे समय से नौकरी कर रहे हैं।
CG NEWS : यह मामला गंभीर है, क्योंकि इतने वर्षों तक फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी करने के बावजूद किसी अधिकारी को इसकी भनक नहीं लगी। इससे संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
CG NEWS : इस खुलासे के बाद यह चिंता बढ़ गई है कि असली दिव्यांग, जो शिक्षित और योग्य हैं, वे ऐसे फर्जी प्रमाण पत्रधारी कर्मचारियों के कारण रोजगार से वंचित रह जा रहे हैं। राज्य सरकार ने हाल ही में ऐसे मामलों पर सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिए हैं कि जो लोग फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे हैं, उनकी जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाए। प्रशासन से यह भी अपेक्षा की जा रही है कि असली पात्र दिव्यांग जनों को प्राथमिकता दी जाए और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।













