राजनांदगांव। प्रदेश में रासायनिक खाद की किल्लत ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया है। भाजपा किसान मोर्चा नेता अशोक चौधरी ने इस संकट के लिए सहकारिता विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
चौधरी ने कहा कि किसानों को मजबूरी में चौगुने दाम पर यूरिया खरीदना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने तय अनुपात 60:40 की जगह 75% यूरिया निजी व्यापारियों को दे दिया, जिससे सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध ही नहीं हो सका। चीन से यूरिया आयात पर रोक लगने से स्थिति और गंभीर हो गई।
उन्होंने कहा कि नेशनलाइज्ड बैंक से लोन लेने वाले किसानों को सहकारी समितियों से खाद नहीं मिला और वे प्राइवेट दुकानों पर निर्भर रहे। चौधरी ने राज्य सरकार और कृषि मंत्री से मांग की कि दोषी अधिकारियों की पहचान कर दंडित किया जाए।
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उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इफको का नैनो यूरिया और नैनो डीएपी अपनाएं। चौधरी ने कहा कि पारंपरिक यूरिया का बड़ा हिस्सा बेकार चला जाता है, जबकि नैनो यूरिया सीधे पौधों तक पोषण पहुँचाता है और भूमि की उर्वरा शक्ति भी सुरक्षित रहती है।











