Sunday, August 30, 2026
Home Chhattisgarh CG NEWS : पत्थलगांव शिक्षा विभाग में ‘पारदर्शिता’ का गला घोंट रहे...

CG NEWS : पत्थलगांव शिक्षा विभाग में ‘पारदर्शिता’ का गला घोंट रहे जिम्मेदार; RTI के तहत हिसाब मांगने पर उड़े होश!…

CG NEWS
CG NEWS

CG NEWS : गौरी शंकर गुप्ता /जशपुर। एक ओर सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर जशपुर के शिक्षा विभाग में जानकारी दबाने का बड़ा खेल चल रहा है। पत्थलगांव स्थित एक शासकीय विद्यालय के जन सूचना अधिकारी (प्राचार्य) द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी को समय पर न देना अब उनके लिए बड़ी मुसीबत बनने वाला है।

CG NEWS : 6 साल का हिसाब देने में क्यों कांप रहे हाथ? – सूत्रों के अनुसार, आवेदक द्वारा वर्ष 2018 से लेकर अब तक विद्यालय को प्राप्त शासन की राशि, विकास निधि और जनभागीदारी मद में हुए खर्चों का पूरा ब्यौरा मांगा गया था। इसमें 5000 रुपये से अधिक की खरीदी के बिल, कोटेशन, तुलनात्मक पत्रक और ऑडिट रिपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल थीं। महीनों बीत जाने के बाद भी जानकारी न देना यह साफ इशारा करता है कि पर्दे के पीछे बहुत कुछ छिपाने की कोशिश की जा रही है।

 

CG NEWS : DEO की सख्त चेतावनी : 3 दिन में दें जानकारी, वरना… मामला जब प्रथम अपीलीय अधिकारी यानी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के पास पहुँचा, तो विभाग की साख बचाने के लिए आनन-फानन में कड़ा आदेश जारी किया गया। DEO ने पत्र क्रमांक 135/2026-27 के माध्यम से प्राचार्य को निर्देशित किया है कि :

* ​03 दिवस के भीतर समस्त प्रमाणित जानकारी आवेदक को नि:शुल्क उपलब्ध कराएं।
* ​लापरवाही बरतने पर अगली सुनवाई में कड़े दंड के लिए तैयार रहें।

CG NEWS : कानून का उल्लंघन : अब BNS की धाराओं में फँसेंगे अधिकारी! -​आवेदक ने प्रशासन को दोटूक चेतावनी दी है कि वे विभाग के चक्कर नहीं काटेंगे। RTI अधिनियम की धारा 7(1) के उल्लंघन पर दोषी अधिकारी के विरुद्ध न केवल विभागीय कार्रवाई, बल्कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 198 और 240 के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई है।

> ​”क्या विद्यालय की विकास निधि में बंदरबांट हुई है? आखिर ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने से अधिकारी क्यों बच रहे हैं? यह महज देरी नहीं, बल्कि कर्तव्य की अनदेखी और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने जैसा है।” – जागरूक नागरिक मंच

CG NEWS : अगली सुनवाई पर टिकी नजरें : आगामी 17 अप्रैल 2026 को होने वाली सुनवाई शिक्षा विभाग के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ साबित होगी। यदि तय समय में जानकारी नहीं मिली, तो अधिकारियों पर भारी जुर्माना और अनुशासनात्मक गाज गिरना तय माना जा रहा है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here