गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। घरघोड़ा रायगढ़ जिले के घरघोड़ा क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार का नेटवर्क लगातार पांव पसार रहा है। सोमवार देर रात घरघोड़ा पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान रेत से भरे एक भारी वाहन (हाइवा) को पकड़ा। पूछताछ में चालक कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिसके बाद वाहन को थाने लाकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने इस मामले की सूचना खनिज विभाग को भी दी है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटना कोई अपवाद नहीं है। छत्तीसगढ़ में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। 2024 में हजारों मामलों का रिकॉर्ड दर्ज हुआ, जो बताता है कि समस्या कितनी गंभीर और व्यापक है।
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जाल स्थानीय से लेकर राजनीतिक स्तर तक
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कारोबार केवल रेत की चोरी-छिपे ढुलाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें परिवहन, भंडारण और बिक्री तक का पूरा नेटवर्क शामिल है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ प्रभावशाली नेता और नगर पंचायत से जुड़े लोग इस कारोबार को संरक्षण देते हैं। कई बार पुलिस और खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लग चुके हैं।
राजस्व और पर्यावरण को नुकसान
अवैध खनन से राज्य को बड़े पैमाने पर राजस्व हानि हो रही है। इसके अलावा नदियों, खेतों और पर्यावरण को भारी क्षति पहुंच रही है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्रवाई कमजोर दिखाई देती है।
नीतियां और अमल में खाई
केंद्र और राज्य सरकारें समय-समय पर नियमों में बदलाव और सख्ती की घोषणाएं करती रही हैं, लेकिन ठोस अमल का अभाव इस कारोबार को हवा दे रहा है। हाल ही में खनन नियमों में सुधार के एलान हुए, मगर अवैध माफियाओं पर अंकुश के ठोस नतीजे अब तक नजर नहीं आ रहे।
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पारदर्शी कार्रवाई की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन को अब पारदर्शी कार्रवाई दिखानी होगी। पकड़े गए वाहनों और आरोपियों पर क्या कार्रवाई हुई, कितने मामलों में एफआईआर दर्ज हुई और राजस्व की कितनी वसूली हुई — इसका खुला ब्योरा सामने आना चाहिए।
बड़ा सवाल : जवाबदेही किसकी?
रायगढ़ की यह घटना केवल एक जब्ती नहीं, बल्कि बड़े सवाल उठाती है —
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जब रोजमर्रा की वस्तु रेत का अवैध कारोबार राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण में चले, तो शासन की जवाबदेही कौन तय करेगा?
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जनता और पर्यावरण को हो रहे नुकसान की भरपाई कब और कैसे होगी?
सरकार को अब केवल बयानबाजी से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर कड़ी निगरानी, पारदर्शी जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करके ही जनता का भरोसा वापस जीतना होगा।














