CG Liquor Scam Case : बिलासपुर: प्रदेश में हुए बहुचर्चित आबकारी घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका मिला है। हाईकोर्ट ने उनकी वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें ACB और EOW द्वारा की गई गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए एफआईआर रद्द करने समेत अन्य राहत की मांग की गई थी।
CG Liquor Scam Case : यह मामला ईडी की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुई एसीबी की एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें दो हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का दावा किया गया है। जांच में पाया गया कि तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर ने मिलकर अवैध सिंडिकेट के ज़रिए यह घोटाला अंजाम दिया।
READ MORE: Dabra News: निजी स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग खामोश, अफसरों की मेहरबानी से बेलगाम होते स्कूल
CG Liquor Scam Case : अनवर ढेबर ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उन्हें 4 अप्रैल को बिना पूर्व सूचना हिरासत में लिया गया, और परिवार को भी जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद 5 अप्रैल को दोपहर 2 बजे औपचारिक गिरफ्तारी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें गिरफ्तारी का पंचनामा, कारणों की सूचना और केस डायरी की प्रति नहीं दी गई, जो सुप्रीम कोर्ट की तय गाइडलाइन का उल्लंघन है। साथ ही, उन्होंने 5 और 8 अप्रैल को विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) द्वारा दिए गए रिमांड आदेशों को भी निरस्त करने की मांग की थी।
CG Liquor Scam Case : मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने तर्क दिया कि सरकारी शराब दुकानों से नकली होलोग्राम लगाकर शराब बेची गई, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। यह एक गंभीर आर्थिक अपराध है, जिसकी जांच के दौरान पहले भी अनवर ढेबर की दो याचिकाएं खारिज की जा चुकी हैं। अदालत ने इन तथ्यों को देखते हुए उनकी वर्तमान याचिका भी खारिज कर दी।











