CG News: बिलासपुर में 23 संदिग्ध बांग्लादेशी हिरासत में, रायपुर डिटेंशन सेंटर भेजे गए

Rahul Goshwami
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Bilaspur Bangladeshi Detention: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पहचान और निवास से जुड़े दस्तावेजों की जांच के दौरान पुलिस ने 23 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में अभियान के दौरान इन लोगों के दस्तावेज और उनके बताए गए पते संदिग्ध पाए गए।पुलिस ने बताया कि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक सभी 23 लोगों को 4 सितंबर को रायपुर स्थित डिटेंशन सेंटर भेजा गया है। पुलिस की जांच का उद्देश्य इन लोगों की पहचान, मूल निवास और भारत में रहने से जुड़े दस्तावेजों की वास्तविकता का पता लगाना है।

जानकारी के मुताबिक, सरकार के निर्देश के बाद बिलासपुर SSP रजनेश सिंह ने संदिग्ध लोगों के सत्यापन के लिए एक विशेष टास्क टीम का गठन किया था। टीम की जिम्मेदारी शहर में ऐसे लोगों की पहचान और उनके दस्तावेजों की जांच करना थी, जिनके पहचान या निवास संबंधी रिकॉर्ड को लेकर संदेह हो।इसी अभियान के दौरान सिरगिट्टी क्षेत्र में 23 लोग पुलिस के रडार पर आए। प्रारंभिक जांच में उनके दस्तावेजों और बताए गए पतों को संदिग्ध पाए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की गई।

पश्चिम बंगाल तक पहुंची जांच टीम
मामले की जांच केवल बिलासपुर तक सीमित नहीं रही। संदिग्धों के रिकॉर्ड और बताए गए पते की जानकारी की पुष्टि के लिए पुलिस की विशेष टीम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर भी गई थी।

वहां स्थानीय पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर संदिग्ध लोगों से जुड़ी जानकारी साझा की गई। पुलिस टीम ने सीमावर्ती क्षेत्रों से भारत में अवैध तरीके से प्रवेश किए जाने के संभावित रास्तों और तरीकों के बारे में भी जानकारी जुटाई।हालांकि, किसी व्यक्ति की नागरिकता या पहचान को अंतिम रूप से तय करने के लिए संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
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23 लोगों की सूची में कई नाम शामिल
पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी सूची में सीब मंडल, सफिकुल इस्लाम, इजामुल शेख, नशीकुल शेख, सेल्टु शेख, साबिर शेख और असगर शेख समेत अन्य लोगों के नाम बताए गए हैं। इन लोगों ने पश्चिम बंगाल के अलग-अलग पते बताए थे।पुलिस अब इन पतों और दस्तावेजों की वास्तविकता की जांच कर रही है। सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित लोगों की पहचान और निवास संबंधी दावे सही हैं या नहीं।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बिलासपुर में इससे पहले भी संदिग्ध पहचान से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार, तोरवा क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद हुसैन उर्फ सुब्रती शर्मा उर्फ सागर को पकड़ा गया था और उसे 12 जुलाई 2025 को बांग्लादेश डिपोर्ट किया गया।वहीं, नाबालिग के अपहरण के मामले में गिरफ्तार हृदय कुमार शर्मा को सजा पूरी होने के बाद डिपोर्ट करने की प्रक्रिया के लिए रायपुर के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

एक घर में 20 से 30 लोगों के रहने का दावा
पुलिस के अनुसार, सिरगिट्टी इलाके में करीब तीन साल पहले भी 70 से 80 लोगों को पकड़ा गया था। उस समय उनके पास मौजूद आधार कार्ड, राशन कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों के आधार पर जानकारी जुटाने की कोशिश की गई थी।पुलिस के मुताबिक, आगे की जांच में इनमें से कुछ लोगों के पश्चिम बंगाल के आसपास के क्षेत्रों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि इनमें से कुछ लोग आसपास के गांवों में बाल के बदले बर्तन देने और कारपेट बेचने जैसे काम करते थे। एक घर में बड़ी संख्या में लोगों के रहने की बात भी सामने आई थी।

पुलिस ने लोगों से मांगी संदिग्धों की जानकारी
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें संदिग्ध पहचान या अवैध रूप से रहने वाले किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना पुलिस को दें।पुलिस ने इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध लोगों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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