‘Carcinogenic’ betel nut : रायगढ़। सेंट्रल जीएसटी (CGST) विभाग ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में इंडोनेशियाई मूल की प्रतिबंधित सुपारी की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। शनिवार को हुई इस कार्रवाई में अधिकारियों ने मंगलुरु से रोल ऑन रोल ऑफ (RORO) रेलवे सेवा के जरिए कोलाड लाए गए 11 ट्रकों को जब्त किया, जिनमें करीब 300 करोड़ रुपये मूल्य की 300 किलोग्राम सुपारी भरी हुई थी।
गुटखा नेटवर्क में होनी थी सप्लाई
प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि जब्त की गई यह भारी खेप रायगढ़ से नागपुर भेजी जानी थी, जहाँ से इसे गुटखा और पान मसाला बनाने वाले विभिन्न अवैध नेटवर्कों में वितरित किया जाना था। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह सुपारी घटिया गुणवत्ता की है और कैंसर पैदा करने वाले रसायनों से पॉलिश की गई थी, जिसका उपयोग गुटखा उत्पादों में किया जाना था, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा होता।
‘Carcinogenic’ betel nut :
फर्जी फर्म और कम आय वाला मालिक
तस्करों ने इस खेप को ले जाने के लिए जीएसटी प्रमाण पत्र पर मंगलुरु स्थित ‘एनडी ट्रेडर्स’ नामक एक एकल स्वामित्व वाली फर्म का नाम इस्तेमाल किया था। जाँच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस फर्म का मालिक एक बेहद कम आय वाला व्यक्ति है, जिसकी मासिक कमाई महज़ 10,000 रुपये के आसपास है। इस बात से यह स्पष्ट होता है कि तस्करों ने कागज़ों पर एक निर्दोष व्यक्ति का इस्तेमाल कर पूरे रैकेट को अंजाम देने की कोशिश की।
समीर और कादर खान पर संदेह की सुई
इस बड़े खुलासे के बाद, जाँच की सुई अब कथित मास्टरमाइंड समीर खान और कादर खान नाम के दो व्यक्तियों की ओर घूम गई है। आरोप है कि ये दोनों इंडोनेशिया से तस्करी कर लाई गई सुपारी को केरल के तूतीकोरिन लाते थे, वहाँ से मंगलुरु भेजा जाता था जहाँ गोदामों में इसकी कैंसरकारक रसायनों से पॉलिश की जाती थी। इसके बाद, ट्रकों में भरकर इसे RORO सेवा से रायगढ़ और फिर सड़क मार्ग से नागपुर भेजने की तैयारी थी। यह घटिया सुपारी की देश में तस्करी का एक पुराना और संगठित तरीका है।
‘Carcinogenic’ betel nut
कड़ी कार्रवाई जारी
सीजीएसटी, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसी कई एजेंसियाँ बीते वर्षों में ऐसे तस्करी गिरोहों पर कार्रवाई कर चुकी हैं, जिससे इन मामलों में कुछ कमी ज़रूर आई है। इस नवीनतम मामले में, महाराष्ट्र का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग भी खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत अपनी जाँच शुरू कर चुका है। अधिकारियों का मानना है कि इस बड़ी ज़ब्ती से अवैध गुटखा निर्माण और प्रतिबंधित सुपारी के कारोबार को एक बड़ा झटका लगेगा।













