बुरहानपुर : बुरहानपुर जिले में बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अचानक बदले मौसम ने न केवल जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, बल्कि खेतों में खड़ी और तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। बुधवार को तेज हवाओं के साथ करीब दो घंटे तक मूसलधार बारिश हुई, जिससे जिले के कई हिस्सों में हालात बिगड़ गए।
बिजली गुल, सड़कों पर भरा पानी
तेज बारिश और आंधी के चलते शाहपुर, लोनी, बिरोदा, बहादरपुर सहित कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के कारण कई कच्चे और पक्के मकानों की टिन शेड उड़ गईं, जिससे संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।
किसानों पर सबसे बड़ा संकट
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। मक्का, चना और गेहूं की फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गई हैं। कई खेतों में पानी भर जाने से तैयार फसल सड़ने लगी है। इससे किसानों के सामने रोज़ी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
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किसानों का दर्द छलका
किसानों का कहना है कि उन्होंने खेती के लिए कर्ज लेकर बीज, खाद और दवाइयों पर खर्च किया था।
किसान अंकुश महाजन ने कहा,“हमने बड़ी उम्मीद से फसल बोई थी, लेकिन दो घंटे की बारिश ने सब बर्बाद कर दिया। समझ नहीं आ रहा कि कर्जा चुकाएं या घर चलाएं।”वहीं किसान संदीप बड़गुर्जर ने बताया,“मक्का और गेहूं पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। अगर सरकार ने समय पर मदद नहीं की, तो हालात और बिगड़ जाएंगे।”
ग्रामीण इलाकों में चिंता का माहौल
ग्रामीण क्षेत्रों में निराशा और चिंता का माहौल है। किसान नरेंद्र महाजन और हुकुम सहित अन्य किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे और मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है।
प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है, लेकिन किसानों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि राहत कब मिलेगी और क्या उनकी मेहनत की भरपाई हो पाएगी।













