निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : यूनियन बजट 2026 से पहले देश के करोड़ों रेल यात्रियों की निगाहें सरकार पर टिकी हैं। हर साल की तरह इस बार भी आम जनता को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ऐसा ऐलान करेंगी, जिससे उनकी जेब को सीधी राहत मिले। इस बीच सबसे बड़ी उम्मीद सीनियर सिटीजंस यानी वरिष्ठ नागरिकों के लिए उभरकर सामने आई है।
रेलवे किराया छूट की वापसी पर मंथन
मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारतीय रेलवे कोरोना महामारी से पहले दी जाने वाली वरिष्ठ नागरिक टिकट छूट को दोबारा लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इस मुद्दे को लेकर रेल मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच चर्चा हो चुकी है। अगर बजट में इसे मंजूरी मिलती है, तो बुजुर्ग यात्रियों को एक बार फिर सस्ता रेल सफर मिल सकेगा।
किस उम्र को मिलेगा फायदा?
कोरोना से पहले लागू नियमों के अनुसार,
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58 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को ट्रेन टिकट पर 50% की छूट मिलती थी।
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60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुषों को 40% की रियायत दी जाती थी।
अगर यही व्यवस्था लौटती है, तो स्लीपर से लेकर एसी फर्स्ट क्लास तक सभी श्रेणियों में इसका लाभ मिल सकता है।
आधे दाम में टिकट का गणित
पुराने नियमों के मुताबिक, यदि किसी महिला यात्री का फर्स्ट एसी टिकट 3000 रुपये का है, तो उसे केवल 1500 रुपये ही चुकाने पड़ते थे। वहीं पुरुष सीनियर सिटीजन को उसी टिकट पर करीब 1200 रुपये की छूट मिलती थी। इससे लंबी दूरी की यात्राएं काफी सस्ती हो जाती थीं।
कोरोना काल में क्यों रोकी गई थी सुविधा?
मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान अनावश्यक यात्रा रोकने और संक्रमण से बचाव के लिए रेलवे ने सीनियर सिटीजन कंसेशन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। हालांकि अब हालात सामान्य हो चुके हैं और रेलवे की आर्थिक स्थिति भी बेहतर बताई जा रही है।
सरल प्रक्रिया रही है खास पहचान
इस छूट की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता थी। टिकट बुकिंग के दौरान केवल उम्र दर्ज करने से ही किराया अपने आप कम हो जाता था। न तो किसी प्रमाण पत्र की जरूरत होती थी और न ही अलग से आवेदन की।
अब सबकी नजर 1 फरवरी पर
अगर बजट 2026 में यह घोषणा होती है, तो यह देश के करोड़ों वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत और सम्मान का संकेत होगा।













