Negligence of BPCL : सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 40 में भारत पेट्रोलियम कारर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों में बरती जा रही घोर लापरवाही अब सीधे जनजीवन के लिए खतरा बन गई है। बुधवार सुबह बच्चों से भरी एक स्कूल बस सड़क पर पड़े विशाल गड्ढों में धँस गई, जिससे बस में सवार बच्चों की जान पर बन आई और क्षेत्र में बड़ा हड़कंप मच गया।
Negligence of BPCL : गड्ढों में फँसी बस, बच्चों में दहशत
यह घटना बुधवार सुबह तब हुई जब बस नियमित मार्ग से गुजर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर पड़े गहरे गड्ढों के कारण चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और अचानक जोरदार झटका लगा। बस का अगला हिस्सा नीचे धँस गया और बस एक तरफ झुक गई। अंदर बैठे बच्चे डर के मारे चीखने लगे। थोड़ी-सी देर और होती तो स्थिति भयावह हो सकती थी। आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर लगभग 15 मिनट की मशक्कत के बाद बस को सुरक्षित बाहर निकाला।
Negligence of BPCL : BPCL के कार्यस्थलों पर अव्यवस्था
स्थानीय निवासियों का स्पष्ट आरोप है कि BPCL कंपनी वार्ड-40 में पाइपलाइन और सिविल कार्य कर रही है, लेकिन कार्यस्थल पर सुरक्षा और मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अव्यवस्था का आलम यह है:
- खुदाई के बाद गड्ढों को समय पर नहीं भरा जा रहा है।
- सड़क किनारे निर्माण सामग्री के ढेर लगे हैं।
- बरसात में सड़कें कीचड़युक्त और फिसलन भरी हो गई हैं।
- बिना किसी सुरक्षा संकेत के गड्ढे खुले छोड़ दिए जाते हैं।
- ये सभी लापरवाही दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही हैं।
निगम की भूमिका संदिग्ध, लोगों में आक्रोश
रहवासियों के अनुसार, BPCL के ठेकेदारों की निम्नस्तरीय कार्यशैली को लेकर नगर निगम में कई बार शिकायत की गई, लेकिन निगम की तरफ से न तो कोई निरीक्षण टीम पहुंची और न ही कोई सुधारात्मक निर्देश दिए गए। लोगों का सीधा आरोप है कि कंपनी और नगर निगम के बीच मिलीभगत के कारण वार्ड की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
एक निवासी ने कहा, “हम महीनों से गड्ढों को भरने की मांग कर रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का निकलना मुश्किल हो गया है। लेकिन BPCL और नगर निगम दोनों ही मौन बैठे हैं। क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है?”
जनता की दो टूक मांग
घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से दो टूक मांग रखी है कि BPCL कंपनी पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए, वार्ड-40 की सभी सड़कों का एकमुश्त पुनर्निर्माण किया जाए, और स्कूल मार्गों को अत्यधिक प्राथमिकता दी जाए। जनता ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा की सख्त निगरानी की भी मांग की है। लोगों का सवाल वाजिब है कि क्या कोई जान जाने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारी हरकत में आएंगे?











