Blackmailing by Journalists Sarangarh : गौरी शंकर गुप्ता/सारंगढ़/डोंगरीपाली (13 फरवरी 2026): जिले के ग्राम पंचायत करपी में सरकारी काम रुकवाने और सामाजिक बदनामी का डर दिखाकर अवैध वसूली करने का एक शर्मनाक मामला उजागर हुआ है। खुद को ‘बड़ा पत्रकार’ बताने वाले दो युवकों ने एक प्रतिष्ठित सरपंच प्रतिनिधि को अपना शिकार बनाया और उनसे 50 हजार रुपये की मांग की।
चेक डैम निर्माण स्थल पर मचाया उत्पात
शिकायत के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत करपी में शासन की योजना के तहत चेक डैम का निर्माण चल रहा था। तभी दिनेश जायसवाल और सुनील टंडन नामक दो युवक वहां पहुंचे और मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। जब सरपंच प्रतिनिधि देवेन्द्र नायक ने परिचय पूछा, तो दोनों उग्र हो गए और मजदूरों को डराकर काम बंद कराने की धमकी देने लगे।
“50 हजार दो, वरना कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ेंगे”
आरोपियों ने सरपंच प्रतिनिधि पर दबाव बनाते हुए कहा कि यदि उन्हें 50 हजार रुपये नहीं दिए गए, तो वे काम में कमियां निकालकर ऐसी खबर चलाएंगे कि उनकी प्रतिष्ठा धूमिल हो जाएगी। बदनामी के डर से पीड़ित ने मौके पर ही आरोपियों को 20,000 रुपये दे दिए।
वसूली की क्रोनोलॉजी: क्यों 5 दिन बाद छपी खबर?
मामले में सबसे बड़ा संदेह तब पैदा हुआ जब आरोपियों ने 6 फरवरी की घटना को लेकर तुरंत कोई खबर नहीं दिखाई। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी बाकी बचे 30 हजार रुपये का इंतजार कर रहे थे। जब पैसे नहीं मिले, तो उन्होंने 10 फरवरी को इंजीनियर को ‘एडिटेड’ फोटो भेजकर धमकाया और अंततः 11-12 फरवरी को दबाव बनाने के लिए अपने यूट्यूब चैनल पर भ्रामक समाचार प्रसारित कर दिया।
ग्रामीणों ने दी गवाही, पुलिस जांच तेज
इस पूरी घटना के साक्षी गांव के राजेश पटेल, उत्तरा निषाद, डोलमणी पटेल और अन्य ग्रामीण रहे हैं। सरपंच प्रतिनिधि देवेन्द्र नायक की हिम्मत की सराहना हो रही है, जिन्होंने वसूलीबाजों के आगे झुकने के बजाय 20 हजार रुपये गंवाकर भी कानून का रास्ता चुना। डोंगरीपाली पुलिस ने नामजद शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
एक नजर में मामला:
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आरोपी: दिनेश जायसवाल और सुनील टंडन।
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शिकायतकर्ता: देवेन्द्र नायक (सरपंच प्रतिनिधि, करपी)।
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वसूली की राशि: 20,000 रुपये (ली जा चुकी), 30,000 रुपये (मांग जारी थी)।
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स्थान: ग्राम पंचायत करपी, थाना डोंगरीपाली।













