निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू के मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी पोल्ट्री फार्म में संक्रमण की पुष्टि के बाद पूरे जिले में अलर्ट घोषित कर दिया गया है और आसपास के जिलों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बड़े पैमाने पर पक्षियों का नष्टीकरण
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। अब तक करीब 22 हजार पक्षियों को मारा जा चुका है, जबकि 25 हजार के करीब अंडों को भी नष्ट किया गया है। इसके साथ ही पक्षियों के चारे को भी खत्म किया गया है।
कंटेनमेंट जोन और प्रतिबंध
संक्रमित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है, जहां आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा शहर में सभी चिकन सेंटर और पोल्ट्री से जुड़ी दुकानों को बंद कर दिया गया है।
आम जनजीवन पर असर
बर्ड फ्लू के चलते होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय भी प्रभावित हुआ है। चिकन से बनने वाले व्यंजन जैसे बिरयानी और अन्य डिशेस लोगों की थाली से गायब हो गए हैं।
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17 मार्च से शुरू हुआ संक्रमण
जानकारी के अनुसार, कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में 17 मार्च से मुर्गियों की मौत शुरू हुई थी। कुछ ही दिनों में करीब 5 हजार पक्षियों की मौत के बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए, जहां बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।
अन्य जिलों में सप्लाई से बढ़ी चिंता
संक्रमण के बावजूद यहां से 349 यूनिट मुर्गियों की सप्लाई अलग-अलग जिलों में की गई थी, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ गया है।
रायगढ़ में भी अलर्ट
बिलासपुर के बाद रायगढ़ जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। पशु चिकित्सा विभाग की टीमें पोल्ट्री फार्म और दुकानों का निरीक्षण कर रही हैं। किसी भी असामान्य मौत की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।











