पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में सीट बंटवारे को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने सीट वितरण से नाराज होकर चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के खिलाफ दो सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया है।
मांझी ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी बोधगया और मखदुमपुर सीटों से अपने उम्मीदवार मैदान में उतारेगी, जबकि सीट बंटवारे के तहत ये दोनों सीटें चिराग पासवान की पार्टी को दी गई थीं। विवाद की सबसे बड़ी वजह मखदुमपुर सीट मानी जा रही है, जो पहले मांझी की पारंपरिक सीट रही है।
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सूत्रों के मुताबिक, एनडीए में पिछले कई दिनों से सीटों पर मंथन जारी था, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। इसी बीच बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट में 72 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए, जिससे सहयोगी दलों के बीच असंतोष और गहराने लगा।
एनडीए के अंदर सीटों के बंटवारे में बीजेपी और जेडीयू को 101-101 सीटें, जबकि बाकी 41 सीटें अन्य सहयोगियों में बांटी गईं। इनमें चिराग पासवान की एलजेपी (राम विलास) को 29 सीटें, मांझी की हम (HAM) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 6-6 सीटें मिली हैं।
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हालांकि, विवाद के बावजूद मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर गठबंधन के साथ बने रहने का संदेश दिया। उन्होंने लिखा कि सीटों के बंटवारे से कार्यकर्ताओं में असंतोष है, लेकिन “हम बिहार को जंगलराज की ओर नहीं जाने देंगे।” मांझी ने अपने बयान में कहा — “बिहार के लिए, बिहारियत के लिए, और बिहारियों के सम्मान के लिए HAM तैयार है… जीतेगा NDA, बना रहेगा बिहार का सम्मान।”











