HomeBihar ElectionBihar Election 2025 : 64.69% मतदान के बीच ऐसा भी 1 गांव...

Bihar Election 2025 : 64.69% मतदान के बीच ऐसा भी 1 गांव जहां 20 साल बाद हुई वोटिंग, SP समेत बारूदी सुरंग में उड़े थे 7 पुलिसकर्मी

Date:

Related stories

Raipur News:देशभर के 65 डिजाइनर पहुंचे राजधानी, “रिवाज़” प्रदर्शनी का उदघाटन

Raipur News:रायपुर। राजधानी रायपुर के सायाजी होटल में तीन...

Bihar Election 2025 /पटना: जहां बीते गुरूवार 6 सितंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को छिटपुट घटनाओं के बीच शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हो गया। 1952 के बाद पहली बार 64.69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान है। वहीं यहां के एक जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण रहा। यहां के नक्सल प्रभावित इलाकों में भी इस बार ऐतिहासिक मतदान हुआ।

27 साल बाद टूटा मतदान का रिकॉर्ड

Bihar Election 2025 /भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, लगभग 27 वर्ष बाद इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं की भागीदारी दर्ज की गई है। इससे पहले 1998 के लोकसभा चुनाव में 64.66 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं, विधानसभा चुनाव में अब तक सबसे अधिक 62.57 प्रतिशत मतदान वर्ष 2000 में हुआ था।
बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि यह प्रारंभिक आंकड़ा है, और तीन हजार से अधिक बूथों की रिपोर्ट आने के बाद इसमें थोड़ी वृद्धि संभव है।

Read More : Bihar Election 2025: रिकॉर्ड वोटिंग से बदला चुनावी समीकरण! NDA को फिर मिलेगा मौका या महागठबंधन बनाएगी सरकार, समझें 64.66% मतदान का इशारा

शहरी क्षेत्रों में कम, ग्रामीण इलाकों में ज्यादा उत्साह

पटना जिले में औसतन 58.40 प्रतिशत मतदान हुआ। ग्रामीण इलाकों में जहां भारी उत्साह देखने को मिला, वहीं शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की सक्रियता अपेक्षाकृत कम रही। राजधानी के कुम्हरार (39.57%), बांकीपुर (40.97%) और दीघा (41.4%) विधानसभा क्षेत्रों में सबसे कम वोटिंग दर्ज की गई।

नक्सल प्रभावित इलाके में 20 साल बाद एक गांव में वोटिंग

Bihar Election 2025 मुंगेर जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण रहा। वहीं, कभी नक्सल प्रभावित तारापुर विधानसभा के भीमबांध इलाके में इस बार ऐतिहासिक मतदान हुआ। यहां मतदाताओं ने 20 साल बाद अपने ही गांव में वोट डाला। 2005 में नक्सली हमले के बाद सुरक्षा कारणों से मतदान केंद्र को 20 किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया गया था। इस बार बूथ संख्या 310 (वन विभाग विश्रामालय) को फिर गांव में ही स्थापित किया गया, जहां सुबह से मतदाता उत्साहपूर्वक पहुंचे।

Read More : Bihar Elections 2025 : बिहार में चलेगा मोदी-नीतीश का जादू! ओपिनियन पोल में NDA आगे, जाने क्या होगा INDIA गठबंधन और प्रशांत किशोर का हाल

युवाओं में जोश, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इस केंद्र पर कुल 374 मतदाता थे, जिनमें 204 पुरुष और 170 महिलाएं शामिल थीं। ग्रामीणों के चेहरों पर लंबे समय बाद मतदान की खुशी साफ झलक रही थी। मतदान के दौरान केंद्रीय पुलिस बल की कड़ी तैनाती और लगातार पेट्रोलिंग से पूरा माहौल शांतिपूर्ण बना रहा है।

एसपी समेत बारूदी सुरंग में उड़ाए गए थे सात पुलिसकर्मी

जानकारी दें कि, साल 2005 में मुंगेर के तत्कालीन एसपी थे 1997 बैच के आईपीएस अफसर केसी सुरेन्द्र बाबू में 5 जनवरी को भीमबांध से सटे पैसरा गांव में एसपी दलबल के साथ छापेमारी करने गए थे।नक्सलियों के खिलाफ ही यह कार्रवाई थी। जब एसपी अपने जवानों के साथ वापस मुंगेर लौट रहे थे तो नक्सलियों ने बारूदी सुरंग बिछाकर रखा था। जैसे ही एसपी की जिप्सी सुरंग के टारगेट में आया, उसे विस्फोट कर दिया गया। जोरदार धमाका वहां हुआ और एसपी की जिप्सी के परखच्चे उड़ गए. एसपी केसी सुरेंद्र बाबू, उनके बॉडीगार्ड और जिप्सी ड्राइवर समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मियों के चिथड़े उड़ गए थे। इसी साल झारखंड में हुए एनकाउंटर में ढेर हुआ इनामी नक्सली अरविंद यादव इस हत्याकांड का आरोपित था।

Share The News

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here