Bihar Chunav : पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में सत्ता की जोर-आजमाइश जोरों पर है, जहाँ एनडीए (बीजेपी-जेडीयू) और महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) आमने-सामने हैं। इस बार टिकट वितरण ने यह साफ कर दिया है कि सरकार किसी भी गठबंधन की बने, लेकिन सत्ता और सदन में सिर्फ 5 जातियों का दबदबा बरकरार रहेगा।
Bihar Chunav : राज्य की कुल आबादी में इन 5 जातियों की हिस्सेदारी भले ही 40 प्रतिशत से भी कम हो, लेकिन पिछले चुनाव में इनके 130 से अधिक विधायक जीतकर विधानसभा पहुँचे थे। 243 सीटों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 122 विधायकों की आवश्यकता होती है, और यह संख्या इन्हीं प्रमुख जातियों के सहयोग से संभव होगी।
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सरकार में दबदबा बनाने वाली 5 प्रमुख जातियां
| जाति (सर्वे के अनुसार आबादी) | पिछली बार जीते विधायक (2020) | इस बार एनडीए से टिकट | इस बार महागठबंधन से टिकट |
| यादव (14%) | 52 | 17 | करीब 67 |
| कोइरी (3%) | 16 | 22 | 23 |
| राजपूत (2%) | 27 | 37 | 12 |
| भूमिहार (2%) | 20 | 32 | 15 |
| मुसलमान (17%) | 19 | 5 | 29 |
1. यादव (14% आबादी)
यादव समुदाय को दोनों गठबंधनों ने खुलकर टिकट दिए हैं, विशेषकर महागठबंधन ने करीब 67 यादव लड़ाकों को मैदान में उतारा है, जबकि एनडीए ने 17 उम्मीदवार बनाए हैं। पिछली बार 52 यादव उम्मीदवार जीते थे, जिनमें 40 महागठबंधन से थे, जो सरकार गठन में उनकी अहम भूमिका को दर्शाता है।
2. कोइरी (3% आबादी)
कम आबादी के बावजूद, कोइरी समुदाय को रिझाने के लिए दोनों गठबंधनों ने बड़ा दांव खेला है। एनडीए ने 22 और महागठबंधन ने 23 उम्मीदवारों को टिकट दिया है, यानी दोनों ने मिलकर लगभग 10% टिकट इस समुदाय को दिए हैं।
3. राजपूत (2% आबादी)
आबादी कम होने के बावजूद, टिकट वितरण में राजपूत समुदाय ने बाजी मारी है। एनडीए ने 37 और महागठबंधन ने 12 राजपूत उम्मीदवारों को उतारा है। 2020 में 27 विधायक जीतकर सदन पहुँचे थे, जिससे यह कहा जा रहा है कि इस समुदाय के समर्थन के बिना सरकार का गठन संभव नहीं होगा।
4. भूमिहार (2% आबादी)
राजपूतों की तरह ही भूमिहारों की आबादी 2% है, लेकिन ये भी टिकट लेने में आगे रहे। एनडीए ने 32 और महागठबंधन ने 15 भूमिहारों को मैदान में उतारा है। मोकामा जैसी कई सीटें हैं, जहाँ दोनों गठबंधनों से भूमिहार उम्मीदवार ही आमने-सामने हैं।
5. मुसलमान (17% आबादी)
लगभग 17% आबादी वाला मुस्लिम समुदाय सरकार बनाने में अहम रोल निभाता है। इस बार महागठबंधन ने 29 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जबकि एनडीए ने 5 को टिकट दिया है। 2020 में 19 मुस्लिम विधायक जीतकर सदन पहुँचे थे।
इस प्रकार, बिहार चुनाव में सत्ता की चाबी इन्हीं 5 जातियों के हाथों में रहेगी, जिनके विधायकों की संख्या नई सरकार का भाग्य तय करेगी।













