एमपी में बड़ा मूंग घोटाला : जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में शहपुरा तहसील के पथरिया गांव से किसानों के हक पर चोट करने वाला बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां 55 किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन पर फर्जी सिकमीनामे तैयार कर मूंग का पंजीयन करा लिया गया और एमएसपी खरीदी केंद्र से करोड़ों रुपये का भुगतान उठाने की कोशिश की गई।
एमपी में बड़ा मूंग घोटाला : भारतीय किसान संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि इस गड़बड़ी में सरकारी अफसरों की मिलीभगत है, क्योंकि सिकमीनामे के बाद पंजीयन की प्रक्रिया में एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी का सत्यापन अनिवार्य होता है। किसानों को तब भनक लगी जब वे खाद लेने सरकारी गोदाम पहुंचे और कर्मचारियों ने बताया कि उनके नाम से खाद पहले ही उठ चुकी है। जांच में खुलासा हुआ कि उनके नाम पर मूंग खरीदी के लिए ऑनलाइन पंजीयन किया गया है।
इस फर्जीवाड़े से किसानों को एमएसपी पर अपनी उपज बेचने का अधिकार छिन गया और उन्हें मजबूरी में खुले बाजार में सस्ते दाम पर मूंग बेचना पड़ा। किसान संघ का कहना है कि यदि ये फर्जी सिकमीनामे रद्द नहीं किए गए तो आने वाले समय में किसानों के लिए सरकारी खरीदी असंभव हो जाएगी।
पीड़ित किसानों ने इसकी शिकायत शहपुरा एसडीएम और बेलखेड़ा थाने में दर्ज कराई है। कार्रवाई न मिलने पर किसान जिला मुख्यालय पर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है और फिलहाल खरीदी केंद्र पर करीब 17 करोड़ रुपये का भुगतान रोका गया है। अब तक 2 करोड़ का भुगतान हुआ है, शेष राशि जांच पूरी होने के बाद ही जारी की जाएगी।













