Bhopal Water Filter Plant Inspection : भोपाल: इंदौर में दूषित पानी के कारण 17 लोगों की जान जाने के बाद मध्य प्रदेश प्रशासन अलर्ट पर है। इसी बीच, भोपाल नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष साबिस्ता जकी और पार्षद गुड्डू चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों के एक दल ने श्यामला हिल्स स्थित वाटर फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्लांट की बदहाली और लापरवाही के चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
बड़े तालाब को ही गंदा कर रहा फिल्टर प्लांट
निरीक्षण के बाद साबिस्ता जकी ने आरोप लगाया कि वाटर फिल्टर प्लांट से निकलने वाला ‘बैकवॉश’ (गंदा अवशिष्ट पानी) सीधे बड़े तालाब में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि “जिस तालाब से शहर प्यास बुझाता है, उसी में गंदगी डालना जल विभाग की बड़ी नाकामी है।” मौके पर मौजूद कर्मचारी यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि किस अधिकारी के आदेश पर ऐसा किया जा रहा है। साथ ही, जकी ने पुरानी और डैमेज पाइपलाइनों को तत्काल बदलने की मांग की।
सत्ता पक्ष ने भी माना— मिल रहा है सीवेज का पानी
कांग्रेस पार्षद गुड्डू चौहान ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि नगर निगम की बैठक में खुद एमआईसी (MIC) मेंबर ने स्वीकार किया है कि बड़े तालाब में सीवेज का पानी मिल रहा है। चौहान ने महापौर और कमिश्नर से अपील की है कि नालियों के बीच से गुजर रही पेयजल पाइपलाइनों को तुरंत शिफ्ट किया जाए, अन्यथा भोपाल में भी इंदौर जैसी त्रासदी हो सकती है।
अधिकारी ने खुद पानी पीकर पेश की सफाई
दूसरी ओर, जल कार्य विभाग के सहायक सचिन साहू ने आरोपों का खंडन करते हुए प्लांट की साख बचाने की कोशिश की। उन्होंने मीडिया के सामने फिल्टर पानी को गिलास में भरकर खुद पिया और दावा किया कि जनता को सप्लाई किया जा रहा पानी पूरी तरह स्वच्छ और टेस्टेड है। हालांकि, बड़े तालाब में गंदा पानी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली और कहा कि यह उच्च अधिकारियों का विषय है।











