भोपाल: राजधानी के हबीबगंज थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ हुई हैवानियत ने सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक चेतना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी युवक ने नाबालिग को डरा-धमकाकर पहले शादी की और फिर महीनों तक बंधक बनाकर उसका बलात्कार किया।
वारदात का सिलसिला: दोस्ती से लेकर बंधक बनाने तक
पुलिस के अनुसार, मल्टी में रहने वाली किशोरी की पहचान साल 2024 में अतुल मरावी से हुई थी। जुलाई 2024 में आरोपी उसे बहला-फुसलाकर रायसेन जिले में अपने गांव ले गया। वहाँ आरोपी ने किशोरी पर भारी दबाव बनाया और उसकी नानी को बुलाकर परिवार की मौजूदगी में जबरन बाल विवाह कर लिया।
बंधक बनाकर शोषण और गर्भपात
शादी के बाद अतुल ने किशोरी को बंधक बना लिया और लगातार उसका दैहिक शोषण करता रहा। इस दौरान जब पीड़िता गर्भवती हो गई, तो आरोपी और उसके परिजनों ने अमानवीयता की हदें पार करते हुए उसका जबरन गर्भपात (Abortion) करा दिया। पीड़िता की हालत बिगड़ने पर उसकी नानी ने बाद में उसका इलाज कराया।
अजीबोगरीब मोड़: पीड़िता को ही जाना पड़ा संप्रेक्षण गृह
मामले में एक पेचीदा मोड़ तब आया जब जुलाई 2025 में दोनों परिवारों के बीच विवाद हुआ। इस झगड़े में अतुल घायल हो गया और पुलिस ने काउंटर केस दर्ज किया। नाबालिग होने और विवाद में नाम आने के कारण पुलिस ने पीड़िता को बालिका संप्रेक्षण गृह, विदिशा भेज दिया था, जहाँ से अब इस पूरी आपबीती का खुलासा हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई
हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी अतुल मरावी को गिरफ्तार कर लिया है।











