निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़े आर्थिक घोटाले पर कार्रवाई करते हुए करोड़ों की संपत्ति कुर्क की है, तो वहीं दूसरी ओर AIIMS के सामने हुए निर्माण हादसे ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ED का बड़ा एक्शन, करोड़ों की संपत्ति कुर्क
प्रवर्तन निदेशालय ने 42 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में एक्सेल व्हीकल्स कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 12.62 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। इस कार्रवाई में कंपनी के सहायक प्रबंधन से जुड़ी संपत्तियां भी शामिल हैं।
बैंक लोन में गड़बड़ी का मामला
जांच में सामने आया है कि कंपनी ने एक ही संपत्ति को पहले कोटक महिंद्रा बैंक में गिरवी रखकर लोन लिया और बाद में उसी संपत्ति के आधार पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से भी कर्ज हासिल किया। इस तरह की वित्तीय अनियमितताओं के चलते ED ने सख्त कदम उठाया है।
AIIMS के सामने हादसे पर बड़ा खुलासा
वहीं, भोपाल के AIIMS के सामने निर्माणाधीन बिल्डिंग का छज्जा गिरने के मामले में भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। जानकारी के अनुसार, नगर निगम ने अवैध निर्माण को लेकर पहले ही दो बार नोटिस जारी किया था।
नोटिस के बावजूद जारी रहा निर्माण
नगर निगम ने जनवरी और 13 मार्च 2026 को निर्माण रोकने के लिए नोटिस दिए थे, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। 2 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई भी निर्धारित थी, लेकिन उससे पहले ही हादसा हो गया।
रेसिडेंशियल प्लॉट पर कमर्शियल निर्माण
जांच में यह भी सामने आया है कि जिस जमीन पर निर्माण हो रहा था, वह रेसिडेंशियल प्लॉट था, जबकि वहां व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। इससे नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है।
जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
अब नगर निगम बिल्डिंग परमिशन को स्थगित करने और संबंधित रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट को नोटिस जारी करने की तैयारी में है। साथ ही जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन पर उठे सवाल
इन दोनों मामलों ने भोपाल में प्रशासनिक निगरानी और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है, तो दूसरी ओर अवैध निर्माण के चलते हादसा सामने आया है।
कुल मिलाकर, राजधानी भोपाल में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत एक बार फिर महसूस की जा रही है।











