Bharatmala Project: रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से राजधानी रायपुर तक का सफर आने वाले समय में पहले से आसान हो सकता है। भारतमाला परियोजना के तहत प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण से सड़क संपर्क बेहतर होने और यात्रा का समय घटने की उम्मीद है। इससे जशपुर के अलावा पत्थलगांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी फायदा मिल सकता है।
Bharatmala Project: फिलहाल जशपुर से रायपुर पहुंचने में यात्रियों को लंबा समय लगता है। परियोजना से जुड़ी जानकारी के अनुसार, यात्रा का समय घटाकर करीब 8 से 9 घंटे करने का लक्ष्य बताया गया है। वहीं, कुछ अनुमानों में यह सफर 5 से 6 घंटे में पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक समय सड़क के अंतिम रूट, निर्माण और यातायात की स्थिति पर निर्भर करेगा।
707 किलोमीटर के कॉरिडोर से बेहतर होगा सड़क संपर्क
जानकारी के मुताबिक, रायपुर से धनबाद के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने वाले इस इकोनॉमिक कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 707 किलोमीटर बताई जा रही है। इसमें लगभग 104 किलोमीटर हिस्सा जशपुर जिले से होकर गुजरने की जानकारी दी गई है। इससे जिले का संपर्क बिलासपुर, कोरबा और झारखंड के क्षेत्रों से बेहतर होने की उम्मीद है।
किसानों और कारोबारियों को मिलेगा फायदा
सड़क नेटवर्क बेहतर होने से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है। व्यापारियों के लिए माल परिवहन आसान होने के साथ स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इसके अलावा, इलाज, शिक्षा और अन्य जरूरी कामों के लिए बड़े शहरों तक पहुंचना भी आसान हो सकता है। जशपुर प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
रेल और सड़क परियोजनाओं से विकास की उम्मीद
Bharatmala Project: जशपुर जिले में भारतमाला परियोजना के साथ कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कार्य भी विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। वहीं, लोहरदगा से धरमजयगढ़ तक रेल लाइन को मंजूरी मिलने की जानकारी से क्षेत्र में रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद जगी है। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से जशपुर की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।