Bharatmala Project: उद्घाटन से पहले ही भारतमाला सड़क में पड़ी 35 मीटर लंबी दरार, 4145 करोड़ की परियोजना की गुणवत्ता पर उठे सवाल

Sanjay Sahu
Bharatmala Project

Bharatmala Project: दुधावा: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना के तहत बन रही 6-लेन भारतमाला सड़क उद्घाटन से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है। करीब 4145 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना में निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

Bharatmala Project: कोंडागांव जिले के सरगी-बासनवाही सेक्शन में सड़क के बीच लगभग 35 मीटर लंबी दरार दिखाई दी है, जबकि यह मार्ग अभी आम जनता के लिए शुरू भी नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उद्घाटन से पहले ही सड़क में दरारें पड़ रही हैं, तो भारी वाहनों के आवागमन के बाद इसकी स्थिति और खराब हो सकती है।

Bharatmala Project: दुधावा क्षेत्र में भी सड़क की हालत पर सवाल

Bharatmala Project: कांकेर जिले के दुधावा क्षेत्र में भी भारतमाला सड़क के कई हिस्सों में डामर उखड़ने और सड़क धंसने की शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि सड़क के शुरू होने से पहले ही नुकसान दिखाई देना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Bharatmala Project: अधिकारियों ने बारिश को बताया वजह

वहीं परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सड़क के शोल्डर का हिस्सा धंस गया, जिससे बाहरी लेन में दरारें आई हैं। अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी गई है और मौसम सामान्य होने के बाद स्थायी सुधार का काम किया जाएगा।

Bharatmala Project: निष्पक्ष जांच की उठी मांग

Bharatmala Project: मामला सामने आने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में निर्माण में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी साबित होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

Bharatmala Project: छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाली इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना में उद्घाटन से पहले सामने आई इन खामियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *