बेतवा नदी उफान पर : देवेश गुप्ता/ निवाड़ी। बुंदेलखंड में पिछले डेढ़ महीने से जारी बारिश ने पूरे इलाके में हाहाकार मचा दिया है। खेत, तालाब, नाले और नदियों में पानी ही पानी नजर आ रहा है। किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इसी बीच राजघाट और माताटीला जैसे बड़े बांधों का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंचने के बाद सिंचाई विभाग ने दोनों बांधों के गेट खोलने का निर्णय लिया है।
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राजघाट बांध में लगातार पानी की आवक बढ़ने के कारण बुधवार की सुबह 16 गेट खोलकर लगभग 3,23,554 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे बेतवा और जामनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। बेतवा नदी में उफान के चलते आसपास के निचले इलाकों को सतर्क कर दिया गया है।
बुधवार की रात 8 बजे, माताटीला बांध के 21 गेट खोलकर 3,60,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे बेतवा नदी एक बार फिर रौद्र रूप में आ गई है और ओरछा जैसे पर्यटन स्थलों पर स्थिति गंभीर हो गई है।
बेतवा नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ने पर पर्यटन नगरी ओरछा में नदी किनारे स्थित होटलों को खाली करा दिया गया है। जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नदी किनारे पुलिस बल तैनात किया और लोगों को नदी की ओर न जाने की सख्त हिदायत दी है।
प्रशासन मुस्तैद, अलर्ट जारी
तहसीलदार सुनील बाल्मीक ने अपील की है कि नागरिक नदी के समीप न जाएं। सिंचाई विभाग द्वारा अलर्ट जारी कर स्थानीय निकाय, पुलिस प्रशासन और राजस्व विभाग को सतर्क कर दिया गया है। प्रशासन की टीमें मौके पर स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं।
राजघाट और माताटीला बांध से छोड़े गए पानी के कारण बेतवा नदी का रौद्र रूप देखते हुए ओरछा सहित आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने को पूरी तरह तैयार है।













