Kolkata Warehouse Collapse: पश्चिम कोलकाता में बुधवार दोपहर हुए कोलकाता गोदाम हादसा ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तारातला इलाके में स्थित एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मौके पर काम कर रहे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
यह कोलकाता गोदाम हादसा तारातला के ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित निर्माणाधीन गोदाम में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छत गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबराकर मौके की ओर दौड़ पड़े।हादसे के समय गोदाम में निर्माण कार्य चल रहा था और कई मजदूर काम में जुटे हुए थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार 40 से 45 लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई गई है।
मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
कोलकाता गोदाम हादसा में अब तक कई लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कम से कम पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य पूरा होने के बाद ही वास्तविक नुकसान का पता चल सकेगा। मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है।
#WATCH | Kolkata | NDRF team arrive at the site where an under-construction godown shed collapsed in Taratala, to assist in the search and rescue operation after an under-construction godown shed collapsed here pic.twitter.com/wBVRXJNpea
— ANI (@ANI) June 24, 2026
मौके पर पहुंचीं कई एजेंसियां
घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता गोदाम हादसा स्थल पर कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और नागरिक सुरक्षा बल के अधिकारी पहुंच गए।राहत और बचाव कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए क्षेत्र को पूरी तरह घेर लिया गया है। पुलिस ने आम लोगों को घटनास्थल से दूर रखा ताकि बचाव अभियान प्रभावित न हो।
सेना भी बचाव कार्य में शामिल
कोलकाता गोदाम हादसा की गंभीरता को देखते हुए सेना के जवानों को भी राहत कार्य में लगाया गया है। भारी मशीनों, क्रेन और जेसीबी की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।बड़े लोहे के बीम और कंक्रीट के टुकड़ों को सावधानीपूर्वक हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। बचाव दल लगातार जीवन के संकेत तलाशने में जुटा हुआ है।
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घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
कोलकाता गोदाम हादसा में घायल हुए लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।प्रशासन ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है ताकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
हादसे की वजह पर उठे सवाल
फिलहाल कोलकाता गोदाम हादसा की असली वजह सामने नहीं आई है। हालांकि शुरुआती जांच में निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।कुछ अधिकारियों का मानना है कि निर्माण मानकों में लापरवाही या कमजोर ढांचे के कारण यह हादसा हो सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
जांच के आदेश, जिम्मेदारी तय होगी
प्रशासन ने कोलकाता गोदाम हादसा की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल राहत और बचाव कार्य प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
पूरे इलाके में शोक का माहौल
इस कोलकाता गोदाम हादसा के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता और शोक का माहौल है। स्थानीय लोग लगातार घटनास्थल के आसपास मौजूद हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ले रहे हैं।सभी की नजरें अब बचाव अभियान पर टिकी हैं, क्योंकि अभी भी कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका बनी हुई है।









