Maoist operation 2025 : बस्तर में टूटी नक्सल की कमर! 100 मुठभेड़, 256 माओवादी ढेर और 1500 से ज्यादा सरेंडर

Rahul Goshwami
Naxal Encounter

जगदलपुर :  छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में वर्ष 2025 सुरक्षा बलों के लिए निर्णायक और प्रभावशाली साबित हुआ। पूरे साल चले माओवादी विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने प्रेस वार्ता में सालभर की कार्रवाई का ब्यौरा साझा किया, जिसमें माओवादियों के खिलाफ निर्णायक बढ़त साफ नजर आई।

100 से ज्यादा मुठभेड़, 256 माओवादी ढेर

आईजी सुंदरराज पी के मुताबिक वर्ष 2025 में बस्तर क्षेत्र में कुल 100 मुठभेड़ हुईं। इन मुठभेड़ों में 256 हार्डकोर माओवादी मारे गए, जो अब तक का एक बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। इसके अलावा 898 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे संगठन की कमर टूटती नजर आई।

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हिंसा छोड़ने वालों की संख्या ने तोड़ा रिकॉर्ड

सुरक्षा बलों की सख्ती और सरकार की पुनर्वास नीति का असर यह रहा कि 1573 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुना। आईजी ने बताया कि बलों का फोकस केवल ऑपरेशन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भटके युवाओं को समाज से जोड़ने पर भी रहा।

भारी मात्रा में हथियार और IED बरामद

सालभर चले अभियानों में सुरक्षा बलों ने 677 हथियार जब्त किए। इसके साथ ही 894 IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को समय रहते खोजकर निष्क्रिय किया गया, जिससे कई बड़े हमले टल गए और जवानों व आम लोगों की जान बची।

संघर्ष की कीमत: जवान शहीद, नागरिक भी प्रभावित

हालांकि इस संघर्ष में सुरक्षा बलों को नुकसान भी उठाना पड़ा। 2025 में 23 जवान शहीद हुए, जबकि माओवादी हिंसा में 46 निर्दोष नागरिकों की मौत हुई। आईजी ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी।

2026 में और सख्त होगी कार्रवाई

आईजी सुंदरराज पी ने भरोसा जताया कि 2026 में बस्तर को और सुरक्षित बनाने के लिए ऑपरेशन और तेज किए जाएंगे। साथ ही आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति को और मजबूत किया जाएगा, ताकि स्थायी शांति स्थापित हो सके।

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