Barwani Hindu Protest : बड़वानी: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी सुनियोजित हिंसा और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक ढिलाई के विरोध में गुरुवार को बड़वानी का श्रीराम चौक भारी आक्रोश का गवाह बना। हिंदू जागरण मंच और जागृत हिंदू मंच द्वारा आयोजित इस विशाल धरना-प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।
बांग्लादेशी अत्याचारों का ब्यौरा और ‘हलाल इकोनॉमी’ पर प्रहार
सभा के दौरान वक्ताओं (अंजना पटेल, विक्रम चौहान, दीपक जेमन सहित अन्य) ने बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास की नृशंस हत्या और मंदिरों के अपमान का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वहां की अंतरिम सरकार कट्टरपंथियों को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। वक्ताओं ने भारत के सीमावर्ती राज्यों में बढ़ रहे जनसांख्यिकीय असंतुलन और ‘हलाल इकोनॉमी’ को लेकर भी समाज को सतर्क रहने की चेतावनी दी।
स्थानीय प्रशासन पर ‘चुप्पी’ का आरोप
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा केवल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने बड़वानी प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा किया। वक्ताओं ने कहा कि:
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जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में मस्जिदों से तेज आवाज में पांच समय की अजान शासन के आदेशों के बावजूद जारी है।
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शहर में खुले में मांस-मछली के विक्रय पर प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।
राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के अंत में तहसीलदार हितेंद्र भावसार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि केंद्र सरकार बांग्लादेशी हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप करे। साथ ही, राज्य शासन से जिले में लागू ध्वनि विस्तारक यंत्रों और मांस विक्रय संबंधी नियमों को कड़ाई से लागू करने की मांग की गई। इसके पश्चात, आक्रोशित भीड़ ने बांग्लादेश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस का पुतला जलाया।











