Bangladesh Crisis/नई दिल्ली : जहां बांग्लादेश में बीते साल हुए भीषण हिंसा को अभी एक साल ही बीता था कि राजधानी ढाका एक बार फिर तनाव और अफरा-तफरी के माहौल में घिर गई है। शहर के कई इलाकों में रविवार को देसी बम विस्फोट होने से लोग सदमे में हैं। लगातार हो रहे हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए हैं।
शेख हसीना पर ICT का अहम फैसला आज
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले पर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) सोमवार को फैसला सुनाने वाला है। शेख हसीना पर आरोप है कि पिछले वर्ष हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान उन्होंने मानवता के खिलाफ कार्रवाई की थी और बतौर प्रधानमंत्री प्रदर्शनकारियों पर कठोर कदम उठाने का आदेश दिया था। हालांकि, हसीना ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
हसीना के बेटे सजीब वाजेद का बड़ा हमला
Bangladesh Crisis शेख हसीना के बेटे और राजनीतिक सलाहकार सजीब वाजेद ने रॉयटर्स से बातचीत में यूनुस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी ‘आवामी लीग’ पर लगा प्रतिबंध नहीं हटाया गया, तो इसके परिणाम आगामी फरवरी के आम चुनावों में बुरी तरह देखने को मिलेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि हालात और बिगड़ने पर विरोध-प्रदर्शन बड़े पैमाने की हिंसा में बदल सकते हैं।
हिंसा में 1,400 मौतों का आरोप, UN की रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले वर्ष 15 जुलाई से 5 अगस्त के दौरान सरकार विरोधी प्रदर्शनों में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इनमें अधिकांश की मौत सुरक्षा बलों की गोलीबारी में हुई, जिसे 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद बांग्लादेश की सबसे भीषण राजनीतिक हिंसा माना गया है।
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ढाका में 32 विस्फोट, बसों को आग के हवाले
Bangladesh Crisis ICT के फैसले से पहले ढाका में रविवार को ही 30 से अधिक देसी बम फटे। सिर्फ 12 नवंबर को 32 विस्फोट हुए, जिनमें कई बसों को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल होने के आरोप में कई अवामी लीग कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सीमा रक्षक तैनात
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए 400 से अधिक सीमा रक्षकों को राजधानी में तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में चौकियों को मजबूत किया गया है और सार्वजनिक सभाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।











