Balod News : बालोद, छत्तीसगढ़। के पी चंद्राकर : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्थित ग्राम तुयेगोंदी (थाना मंगचुवा) इन दिनों शरद पूर्णिमा महोत्सव के आयोजन को लेकर विस्फोटक स्थिति से गुजर रहा है। सर्व आदिवासी समाज ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि यह विवाद प्रशासन की लापरवाही और कायरतापूर्ण चुप्पी का परिणाम है। समाज का कहना है कि ग्राम सभा की सहमति के बिना इस आयोजन को ग्रामीणों पर थोपना असंवैधानिक है, और यह आदिवासी अधिकारों का हनन है।
READ MORE : MP TOP News : एमपी में 2 और जहरीले कफ सिरप मिले, 500 पदों पर SI भर्ती, समेत 5 बड़ी खबरें…
Balod News : प्रशासन की मौनता कायरतापूर्ण है
सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष तुकाराम कोर्राम ने प्रशासन के रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की मौनता कायरतापूर्ण है और यह पक्षपात को दर्शाता है। कोर्राम ने आरोप लगाया कि प्रशासन मुख्यमंत्री के संभावित दौरे की आड़ में ग्रामीणों के विरोध को दबाने की कोशिश कर रहा है और पुलिस बल की तैनाती कर डरा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि आयोजन समिति को संरक्षण देना जनभावनाओं का दमन है और जब तक ग्राम सभा की सहमति नहीं मिलती, यह कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा।
तुकाराम कोर्राम ने मांग की है कि प्रशासन इस गैरकानूनी कदम को तुरंत वापस ले और आयोजन को रद्द करे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानीं और आयोजन रद्द नहीं किया, तो क्षेत्र में बड़ा आंदोलन भड़केगा। उन्होंने ग्राम सभा की भूमिका को मजबूत करने की मांग भी की है।











