Bacheli News : बचेली/फकरे आलम खान : प्रदेश के प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में वर्ष 1996 से कार्यरत मध्यान्ह भोजन रसोइयों की स्थिति आज भी अत्यंत दयनीय बनी हुई है। इन रसोइयों को मात्र 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय में अपनी सेवाएं देनी पड़ रही हैं। वे ना सिर्फ स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, बल्कि स्कूल की अन्य व्यवस्थाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Bacheli News : इन रसोइयों का कहना है कि इतने कम मानदेय में परिवार चलाना भी मुश्किल हो गया है। सरकार से कई बार मानदेय बढ़ोतरी की मांग की गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। हाल ही में चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत 50% मानदेय वृद्धि का वादा किया गया था, लेकिन वह भी अब केवल घोषणा तक सीमित रह गया है।
Bacheli News : छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला सचिव पीला राम सिन्हा ने सरकार से मांग की है कि रसोइयों का मासिक मानदेय बढ़ाकर कम से कम 5000 रुपये किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो रसोइयों के समर्थन में प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। सिन्हा ने कहा कि यह केवल न्याय का मामला नहीं, बल्कि इन मेहनतकश महिलाओं की गरिमा की भी रक्षा है।
Bacheli News : इसके साथ ही एक अन्य गंभीर मुद्दे की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया है। कई वर्षों से शासकीय चतुर्थ श्रेणी के नियमित कर्मचारी, जिनकी सेवा अवधि 15 से 16 वर्ष हो चुकी है, अब तक पदोन्नति से वंचित हैं। उनकी योग्यता के अनुसार सहायक ग्रेड-3 में पदोन्नति नहीं हो रही और ना ही समयमान वेतनवृद्धि (कर्मउन्नति) दी जा रही है। कर्मचारियों में इसे लेकर गहरी नाराजगी है और उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द उनके लिए भी पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की जाए।
Bacheli News : इन दोनों ही मुद्दों पर सरकार को शीघ्र निर्णय लेने की आवश्यकता है, क्योंकि इससे न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता भी प्रभावित नहीं होगी।









