Atal Canteen : नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी के मजदूर वर्ग और बेघर लोगों को सस्ती दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना ‘अटल कैंटीन’ शुरू करने का फैसला किया है। पहले चरण में दिल्ली के 100 महत्वपूर्ण स्थानों पर इन कैंटीनों को शुरू किया जाएगा, जिसके लिए रेखा गुप्ता सरकार ने ₹500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार का दावा है कि यह योजना न केवल भूख मिटाने का माध्यम बनेगी, बल्कि राजधानी में पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी।
Atal Canteen : प्रत्येक ‘अटल कैंटीन’ केंद्र पर सुबह और शाम दो बार भोजन परोसा जाएगा, जिसमें रोजाना कम से कम 500 थालियां वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। मेन्यू में पौष्टिक और संतुलित आहार शामिल होगा, जिसमें रोटी, दाल, राजमा, छोले, सब्जी, चावल और मौसमी सलाद जैसी चीजें शामिल होंगी। सरकार ने घोषणा की है कि मजदूर वर्ग, रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी वाले, निर्माण स्थल के कर्मचारियों और बेघर लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
Atal Canteen : भोजन की गुणवत्ता और वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने मजबूत व्यवस्था करने का फैसला किया है। अटल कैंटीन में भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए भोजन लेने वालों को पहले टोकन जारी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, हर कैंटीन पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे इनकी चौबीसों घंटे निगरानी की जा सकेगी।
Atal Canteen : खाद्य सुरक्षा के मानकों को सुनिश्चित करने के लिए, खाना बनाने और परोसने की जगह पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के कड़े नियमों का पालन अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, कैंटीन पर खाना खाने वाले नागरिक भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिसके लिए एक रियल-टाइम फीडबैक सिस्टम लागू किया जाएगा।
Atal Canteen : दिल्ली सरकार के सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में सफलता मिलने पर इस योजना को पूरे दिल्ली में 500 केंद्रों तक विस्तारित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पहुंच बढ़ाने के लिए स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), धार्मिक संस्थाओं और कम्युनिटी किचन को भी इस महत्वपूर्ण पहल से जोड़ा जाएगा।









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