निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : iPhone की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। हाल ही में काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 2025 में ग्लोबल एक्टिव स्मार्टफोन इंस्टॉल्ड बेस में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि Apple लंबे समय तक यूजर रिटेंशन में सबसे आगे है। दुनिया भर में इस्तेमाल हो रहे लगभग चार में से एक स्मार्टफोन iPhone है, जो Apple के मार्केट में दबदबे को दर्शाता है।
एक्टिव इंस्टॉल्ड बेस क्या है?
काउंटरपॉइंट के अनुसार, एक्टिव इंस्टॉल्ड बेस का माप वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे स्मार्टफोन को दर्शाता है। यह यूज़र लॉयल्टी, इकोसिस्टम स्टिकनेस और लंबे रिप्लेसमेंट साइकिल को दिखाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में रिप्लेसमेंट साइकिल लगभग चार साल तक बढ़ गई, जिसे इंक्रीमेंटल हार्डवेयर अपग्रेड और सेकंड-हैंड डिवाइस मार्केट से बढ़ावा मिला।
Apple और Samsung का दबदबा
Apple और Samsung ने एक अरब एक्टिव डिवाइस का माइलस्टोन पार कर लिया है। दोनों कंपनियों ने मिलकर पिछले साल ग्लोबल एक्टिव इंस्टॉल्ड बेस का 44 प्रतिशत हिस्सा बनाया। Apple ने मार्केट में सबसे आगे रहते हुए, अगले सात बड़े OEMs की कुल जोड़तोड़ को पीछे छोड़ दिया।
यूजर लॉयल्टी और iOS इकोसिस्टम की ताकत
काउंटरपॉइंट के सीनियर एनालिस्ट Karn Chauhan का कहना है कि Apple की सफलता के पीछे मजबूत यूजर लॉयल्टी, डीप iOS इकोसिस्टम और इंटीग्रेटेड सर्विसेज हैं। यह वजह है कि हर चार एक्टिव स्मार्टफोन में से एक iPhone है।
Samsung की स्थिति और तुलना
Samsung दुनिया भर में इंस्टॉल्ड बेस का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा रखता है। इसके पास एंट्री-लेवल से प्रीमियम डिवाइस तक का विस्तृत पोर्टफोलियो है। हालांकि, Apple का फायदा इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम, उच्च रीसेल वैल्यू और लंबे समय तक सॉफ्टवेयर सपोर्ट में है, जो डिवाइस की लाइफ और यूजर संतुष्टि बढ़ाते हैं।













