Amit Jogi: रायपुर। ‘ज्ञानु और जानू’ विवादित वीडियो को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। भाजपा नेताओं की शिकायत पर रायपुर पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के बेटे अमित जोगी पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं। पूछताछ के लिए पुलिस ने जोगी निवास पहुंचकर उनके नाम का नोटिस चस्पा किया है। इसमें नोटिस मिलने के एक दिन के भीतर सिविल लाइन थाने में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने किन धाराओं में दर्ज किया मामला?
सिविल लाइन पुलिस ने 3 नवंबर को अमित जोगी के खिलाफ BNS की धारा 196, 352, 353(2), 356(2) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।जोगी निवास पर चस्पा नोटिस में पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच के दौरान तथ्यों और परिस्थितियों की पुष्टि के लिए अमित जोगी से पूछताछ करना आवश्यक है। इसी आधार पर उन्हें नोटिस प्राप्त होने के एक दिन के भीतर थाने में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है ‘ज्ञानु और जानू’ वीडियो विवाद?
दरअसल, अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर एक विवादित वीडियो साझा किया था। वीडियो में प्रधानमंत्री और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) का मुखौटा पहने दो लोग दिखाई दे रहे थे। इसके बाद दोनों की सांकेतिक शादी कराई गई और हनीमून के नाम पर एक अन्य वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया। वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विवाद बढ़ा तो अमित जोगी ने डिलीट किया पोस्ट, मांगी माफी
वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अमित जोगी की जमकर आलोचना हुई। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपना पोस्ट हटा दिया और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक ऐसी रेखा है, जिसे वह पार नहीं करना चाहते। उन्होंने अपने हनीमून पोस्ट के संदर्भ में कहा कि सुबह उन्हें एहसास हुआ कि जो संदेश वह देना चाहते थे, वह उनके विश्वास के अनुसार आज भी सही है, लेकिन उसे प्रस्तुत करने का तरीका आदर्श नहीं था। अब पुलिस के नोटिस के बाद इस मामले में अमित जोगी की पेशी और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।