Amit Bhaumik Suicide Case : राजनांदगांव: जिले की चिखली पुलिस चौकी अंतर्गत अमित भौमिक आत्महत्या मामले में साइबर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लगातार मीडिया कवरेज और जन-दबाव के बीच पुलिस ने मुख्य आरोपी अमीन कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले कई दिनों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद गठित साइबर सेल की टीम ने सोमवार, 19 जनवरी को मुखबिर की सूचना पर लखोली स्कूल ग्राउंड में दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया।
पूरा मामला 27 दिसंबर 2025 का है, जब अमित भौमिक ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जांच के दौरान परिजनों के बयानों और साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी अमीन कुरैशी और उसकी महिला साथी किंजल ठावरे मृतक को पैसों के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। आरोपी न केवल अमित को मानसिक रूप से परेशान करते थे, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी देते थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर अमित ने मौत को गले लगा लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था।
पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी अमीन कुरैशी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि उसने अपनी महिला साथी किंजल ठावरे के साथ मिलकर मृतक पर दबाव बनाया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को आज, 20 जनवरी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की यह सफलता साइबर सेल की मुस्तैदी को दर्शाती है। हालांकि, मामले की दूसरी सह-आरोपी किंजल ठावरे अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि किंजल के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मीडिया के हस्तक्षेप और निष्पक्ष रिपोर्टिंग ने इस मामले में पुलिस प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के लिए प्रेरित किया, जिसकी नगर में चर्चा है।











