Air India India-China : नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीधी विमान सेवाओं की बहाली से यात्रियों को बड़ी राहत मिली है, और अब इसमें एयर इंडिया भी एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया 1 फरवरी 2026 से दिल्ली-शंघाई के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इस नई उड़ान के साथ एयर इंडिया लगभग छह साल बाद चीन के बाजार में अपनी वापसी करेगी। इस नॉन-स्टॉप डायरेक्ट फ्लाइट से यात्रियों को दोहरी राहत मिलेगी: जहां 16 से 20 घंटे की लंबी यात्रा अब सिमटकर महज 6 घंटे की रह जाएगी, वहीं किराए में भी लगभग 50% तक की कमी आने की उम्मीद है।
Read More : Gold-Silver Price : सोना 224 रुपए सस्ता, चांदी 2,758 रुपए महंगी, जानें कैरेट के हिसाब से कितनी है कीमत
Air India India-China : कोविड-19 महामारी और गलवान विवाद के कारण पिछले पांच वर्षों से दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें बंद थीं। इस कारण यात्रियों को चीन पहुँचने के लिए सिंगापुर, बैंकॉक, हॉन्गकॉन्ग या दोहा जैसे देशों से होकर लंबा और महंगा सफर तय करना पड़ता था। इस कारण दिल्ली-शंघाई रूट का किराया 80 हजार से बढ़कर 1.5 लाख रुपये तक पहुँच गया था। एयर इंडिया की यह नई डायरेक्ट सेवा इस समस्या का समाधान करेगी, जिससे यात्रा काफी तेज और सस्ती हो जाएगी। एयर इंडिया इस रूट पर सप्ताह में चार डायरेक्ट उड़ानें संचालित करेगी, जिसके लिए बोइंग 787-8 विमान का उपयोग किया जाएगा।
Air India India-China : अक्टूबर 2025 में भारत-चीन के बीच डायरेक्ट फ्लाइट्स बहाल होने के बाद, एयर इंडिया इस रूट पर नॉन-स्टॉप सेवा देने वाली तीसरी एयरलाइन बन जाएगी। इससे पहले, इंडिगो ने अक्टूबर के अंत में कोलकाता-गुआंगझोउ और नवंबर में दिल्ली-गुआंगझोउ उड़ानें शुरू की थीं। वहीं, चीन की कंपनी चाइना ईस्टर्न पहले ही दिल्ली-शंघाई सीधी उड़ान शुरू कर चुकी है। सीधी उड़ान सेवाओं की बहाली को दोनों देशों के बीच हालिया कूटनीतिक गर्माहट का संकेत माना जा रहा है, जिसकी शुरुआत शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात के दौरान हुई थी।
Read More : Rented jacket : किराए की जैकेट पहनकर शादी समारोहों में चोरी करने वाला नाबालिग गिरफ्तार, दो स्कूटी बरामद
Air India India-China : भारत और चीन के बीच यात्रियों की डिमांड हमेशा से उच्च रही है। 2019 में सीधी उड़ानें चालू होने पर 12 लाख से अधिक लोग इन सेवाओं से सफर करते थे, जबकि अन्य मार्गों से सफर करने वालों को मिलाकर यह संख्या 19 लाख तक पहुँच जाती थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अब जबकि टाटा समूह एयर इंडिया का संचालन कर रहा है और इंडिगो जैसी कंपनियां भी लंबी दूरी के विमानों का बेड़ा बढ़ा रही हैं, भारतीय एयरलाइंस चीन के बीजिंग, शंघाई, ग्वांगझोउ और चेंगदू जैसे बड़े शहरों को व्यापार और पर्यटन के लिए एक प्रमुख बाज़ार के तौर पर देख रही हैं। वहीं, दो चीनी एयरलाइन कंपनियां—सुपर्णा एयरलाइंस और जिआंगसू जिंगडोंग कार्गो एयरलाइंस—ने भी भारत-चीन रूट पर अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क किया है।











