Fake Helpline Number AIIMS : रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित एम्स (AIIMS) एक बार फिर अपनी विवादित पार्किंग व्यवस्था को लेकर सुर्खियों में है। 1 अक्टूबर 2025 को नया ठेका शुरू होने के बाद से ही यहाँ पार्किंग कर्मचारियों की मनमानी और आम जनता से झड़प के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोशल मीडिया पर आए दिन वायरल हो रहे वीडियो इस बात का प्रमाण हैं कि अस्पताल आने वाले मरीजों के परिजनों से यहाँ अवैध वसूली और दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
ताजा विवाद: पत्रकार से अभद्रता बीती 13 जनवरी को एक पत्रकार जब अपना इलाज कराकर पार्किंग से बाहर निकल रहा था, तब पार्किंग स्टाफ ने उससे आईडी कार्ड दिखाने के बावजूद बहस शुरू कर दी। स्टाफ इस कदर आग बबूला हो गया कि उसने पत्रकार से यहाँ तक कह दिया कि “मेरे पास भी ऐसी 10 आईडी हैं।” यह घटना दिखाती है कि पार्किंग कर्मियों के मन में नियम-कानून और मर्यादा का कोई डर नहीं है।
शिकायत नंबर भी निकला ‘धोखा’ मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब पीड़ित पत्रकार ने पार्किंग स्टैंड पर लिखे शिकायत नंबर (कांटेक्ट नंबर) पर फोन किया। पता चला कि वह नंबर जिस व्यक्ति का है, वह 4 महीने पहले ही कंपनी छोड़ चुका है। ऐसे में सवाल उठता है कि एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में यदि कोई आम आदमी ठगी या बदसलूकी का शिकार हो, तो वह अपनी फरियाद लेकर किसके पास जाए?
प्रबंधन की चुप्पी पर सवाल अक्टूबर से लगातार आ रही शिकायतों और वायरल वीडियो के बावजूद एम्स प्रबंधन ने अब तक ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। बिना अपडेटेड हेल्पलाइन नंबर और बिना पहचान पत्र के काम कर रहे पार्किंग कर्मी अब मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं।











