अहमदाबाद | ahmedabad-faith-in-the-guise-of-devotionकी 117 किलो 336 ग्राम चांदी की आंगी और आभूषण चोरी हो गए। इस सनसनीखेज चोरी के मामले में पुलिस ने मंदिर के पुजारी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्राइम ब्रांच और पालड़ी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चोरी का बड़ा हिस्सा भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 48 किलो चांदी, 79 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और बोलेरो पिकअप वाहन जब्त किया है। बरामदगी की कुल कीमत लगभग 72.87 लाख रुपये बताई गई है।
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ऐसे हुआ खुलासा
13 अक्टूबर को जैन देरासर के सचिव ने पालड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी कि मंदिर से भगवान शीतलनाथ और वासुपूज्य स्वामी भगवान को चढ़ाई जाने वाली चांदी की आंगी और आभूषण गायब हैं। चोरी गई चांदी का कुल वजन 117 किलो 336 ग्राम था, जिसकी कीमत 1 करोड़ 64 लाख 11 हजार रुपये आंकी गई।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में मंदिर में सफाई का काम करने वाली हेतलबेन पर शक हुआ। पूछताछ में उसने कबूल किया कि चोरी में उसका पति किरणभाई, पुजारी मेहुल राठौड़, और दो चांदी व्यापारी संजय और रौनक भी शामिल थे।
साजिश की कहानी
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर महेंद्र सालुंके ने बताया कि पुजारी मेहुल राठौड़ पिछले 15 वर्षों से मंदिर में सेवा कर रहा था। उसे मंदिर के बेसमेंट में बने लॉकर रूम की चाबी दी गई थी, जहां चांदी की आंगी और आभूषण रखे जाते थे।
मेहुल ने सफाईकर्मी दंपति किरण और हेतल को लालच देकर अपने साथ मिला लिया। 9 अक्टूबर की रात उसने सीसीटीवी कैमरे बंद किए और बेसमेंट से चांदी के जेवर व आंगी निकाल ली। चोरी के बाद उसने कैमरे फिर चालू कर दिए ताकि किसी को शक न हो।
व्यापारी बने चोरी के खरीदार
मेहुल ने चोरी की चांदी बेचने के लिए दो व्यापारियों संजय और रौनक से संपर्क किया। दोनों ने चोरी का माल खरीदकर उसे नकद भुगतान किया। पुलिस का कहना है कि मेहुल चोरी को छिपाने के लिए नई चांदी खरीदकर पुराने सामान की जगह रखने की योजना बना रहा था।
पुलिस की सफलता
गुप्त सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच और पालड़ी पुलिस ने संयुक्त रूप से छापा मारकर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामदगी के बाद पुलिस अब चोरी के बाकी माल और अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
बरामदगी का ब्यौरा
- चांदी: 48 किलो
- नकद: ₹79,000
- मोबाइल फोन: 4
- बोलेरो पिकअप वाहन
- बरामदगी की कुल कीमत: ₹72.87 लाख
पुलिस का बयान
इंस्पेक्टर महेंद्र सालुंके के अनुसार,
“पुजारी मेहुल राठौड़ ने मंदिर के भरोसे का दुरुपयोग किया। अपराध की योजना बेहद सोच-समझकर बनाई गई थी, लेकिन हमारी टीम ने तत्परता से कार्रवाई कर चोरी के बड़े हिस्से को बरामद कर लिया है। बाकी माल की तलाश जारी है।”
संघ ने जताया दुख
श्री लक्ष्मी वर्धक जैन संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इस घटना ने समाज को गहराई से झकझोर दिया है। धार्मिक स्थल से चोरी को लेकर समुदाय में नाराजगी और दुख का माहौल है। संघ ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की है और जल्द न्याय की उम्मीद जताई है।











