NRELM Women Strike : कांकेर/रायपुर। छत्तीसगढ़ में एनआरएलएम (बिहान) योजना के तहत जमीनी स्तर पर काम कर रही सीआरपी (CRP) और सक्रिय महिला संघ की सदस्यों ने अब शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी दयनीय आर्थिक स्थिति और लंबित मांगों को लेकर प्रदेशभर की महिला कार्यकर्ताओं ने काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है।
आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं ‘लखपति दीदी’ बनाने वाली महिलाएं प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि उन्हें वर्तमान में मात्र 1910 रुपये प्रति माह मानदेय मिलता है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। सक्रिय महिला संघ की अध्यक्ष पद्मा पाटिल और महासचिव बिंदु यादव ने बताया कि वे सरकार की ‘लखपति दीदी’ योजना को सफल बनाने में दिन-रात एक कर रही हैं, लेकिन खुद उनका भविष्य और वर्तमान दोनों असुरक्षित हैं। बजट में भी उनके लिए कोई ठोस घोषणा न होने से महिलाओं में गहरा आक्रोश है।
प्रमुख मांगें:
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मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि: छत्तीसगढ़ न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत मानदेय को सम्मानजनक स्तर तक बढ़ाया जाए।
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नियमितीकरण व नियुक्ति पत्र: लंबे समय से कार्यरत महिलाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और नियुक्ति पत्र जारी हो।
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मोबाइल-नेट और यात्रा भत्ता: सारा काम ऑनलाइन होने के बावजूद मोबाइल, रिचार्ज और क्लस्टर मीटिंग के लिए कोई भत्ता नहीं मिलता, इसे तुरंत लागू किया जाए।
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समय पर भुगतान: कई ब्लॉकों में मानदेय 5-6 महीने की देरी से मिलता है, जिसे हर महीने सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए।
आश्वासनों से थक चुकी हैं महिलाएं संघ की पदाधिकारियों का कहना है कि जनवरी से लेकर अब तक कई बार प्रदर्शन किए गए और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात भी हुई, लेकिन हर बार सिर्फ कोरा आश्वासन मिला। अब महिलाएं आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री (पंचायत मंत्री), मुख्य सचिव और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी जायज मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक काम पर वापस नहीं लौटेंगी।
कांकेर सहित पूरे प्रदेश में बिहान कैडर की महिलाओं के इस आंदोलन से सरकारी कामकाज पर असर पड़ना तय है। अब देखना यह होगा कि शासन इस पर क्या रुख अपनाता है।











