Madhya Pradesh Teachers : भोपाल: मध्यप्रदेश में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा TET परीक्षा के संबंध में जारी किए गए नए आदेश ने शिक्षकों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर हजारों शिक्षकों ने लामबंद होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शिक्षकों ने स्पष्ट मांग की है कि विवादास्पद आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए और अन्य राज्यों की तर्ज पर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करे।
राजधानी भोपाल में संगठन के जिलाध्यक्ष राजेश साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक कलेक्ट्रेट कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए। यहाँ शिक्षकों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और अंत में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने कहा कि यह आदेश राज्य के लगभग 2 लाख शिक्षक परिवारों की जीविका और उनके भविष्य पर एक बड़ा संकट है।
उपेंद्र कौशल ने सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “आज हमने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से अनुनय-विनय किया है। यदि अगले एक सप्ताह के भीतर हमारी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश के समस्त शिक्षक संघ एकजुट होकर ‘शिक्षक संयुक्त मोर्चा’ का गठन करेंगे। 29 मार्च को होने वाली बैठक में सरकार के खिलाफ आर-पार के संघर्ष और बड़े आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।”
संगठन ने अपने अगले चरण के कार्यक्रम की घोषणा भी कर दी है। 15 मार्च से 28 मार्च तक शिक्षक प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे। शिक्षकों की मांग है कि राज्य सरकार केंद्र स्तर पर भी इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए।
बाईट (उपेन्द्र कौशल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष): “यह हमारे साथियों की मेहनत और अनुभव का अपमान है। हम सरकार से मांग करते हैं कि वह हमारे हितों को ध्यान में रखते हुए इस आदेश को वापस ले। यदि एक हफ्ते के भीतर सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी, तो हम बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।”











