CG NEWS : गौरीशंकर गुप्ता/घरघोड़ा: घरघोड़ा में मातम का माहौल है। कुरकुट नदी में दो हाथी शावकों के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में 10-11 मार्च 2026 को कुरकुट नदी के कक्ष क्रमांक 1273 के पास ग्रामीणों ने दो हाथी शावकों के शव तैरते हुए देखे। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद घरघोड़ा रेंजर विक्रांत कुमार के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। शवों को नदी से बाहर निकालकर पंचनामा किया गया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो गई।
CG NEWS : घरघोड़ा रेंज में वर्तमान में 19 हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जो रायगढ़ वन मंडल के कुल 37 हाथियों का हिस्सा है। अन्य क्षेत्रों जैसे डेहरीडीह (7 हाथी), सामारूमा (5), कांटाझरिया (2), कमतरा और कसडोल (2-2) में भी दल मौजूद हैं। यह घटना उसी 19 के दले से जुड़ी बताई जा रही है, जिससे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
CG NEWS : प्रारंभिक जांच में आशंका है कि नदी पार करते समय या नहाते हुए डूबने से शावकों की मौत हुई। वन विभाग ने डॉक्टरों की टीम बुलाई है और डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। वन विभाग किसी भी कारण की पुष्टि से इनकार कर रहा है।
CG NEWS : रेंजर विक्रांत कुमार ने बताया कि शव बाहर निकाल लिए गए हैं और जांच जारी है। पोस्टमार्टम के बाद ही सही कारण स्पष्ट होगा। विभाग ने आसपास के गांवों को सतर्क रहने की हिदायत दी है, क्योंकि हाथियों का दल अभी भी क्षेत्र में मौजूद है।
CG NEWS : रायगढ़ में हाथी मौत की यह पहली घटना नहीं है। पिछले साल तमनार रेंज में करंट से तीन हाथियों की मौत हुई थी, जिसमें दो निलंबित हुए। पहले भी घरघोड़ा में डूबने या चट्टानों में फंसने से शावक मरे हैं। ये घटनाएं वनों की कटाई और मानव-वन्यजीव संघर्ष को उजागर करती हैं।
CG NEWS : घटना से स्थानीय ग्रामीणों में डर का माहौल है, खासकर घरघोड़ा और आसपास के गांवों में। वन्यजीव प्रेमी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। विभाग ने हाथी गलियारों की सुरक्षा और जागरूकता अभियान तेज करने की योजना बनाई है। कुल मिलाकर, यह घटना छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में संरक्षण की चुनौतियों को रेखांकित करती है।











