निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में पिछले एक महीने से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। इसका सीधा असर खेतों में खड़ी रबी फसलों पर पड़ रहा है। गुरुवार रात से शुरू हुई बेमौसम वर्षा और तेज हवाओं ने गेहूं की फसल को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
तेज हवाओं से जमीन पर गिरी फसल
कई गांवों में पककर तैयार हो चुकी गेहूं की फसल तेज हवा के झोंकों से खेतों में ही गिर गई। शुक्रवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और धूप नहीं निकल पाई। बूंदाबांदी के साथ बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे खेतों में नमी बढ़ गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि गिरी हुई फसल लंबे समय तक गीली रहती है तो दाने की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे उत्पादन और बाजार मूल्य दोनों पर असर पड़ने की आशंका है।
पहले कोहरा, फिर ओले और अब मावठ
किसानों का कहना है कि इस रबी सीजन में मौसम ने कई बार धोखा दिया है। जनवरी में घना कोहरा और धुंध के कारण कीट प्रकोप बढ़ा था, जिससे फसल की बढ़वार प्रभावित हुई। इसके बाद हुई ओलावृष्टि ने भी नुकसान पहुंचाया। अब मावठ (असमय वर्षा) ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है।
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मेहनत पर फिर संकट
लगातार मौसमीय मार के चलते किसानों की मेहनत पर संकट गहराता जा रहा है। खेतों में गिरी फसल को देखकर किसान चिंतित हैं कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है।
किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। फिलहाल शाजापुर जिले में मौसम की अनिश्चितता ने रबी सीजन की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।













