दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को उम्रकैद की सजा! ‘मार्शल लॉ’ मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा

Rahul Goshwami

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : दक्षिण कोरिया की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सियोल की एक अदालत ने देश के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को मार्शल लॉ लागू करने और विद्रोह का नेतृत्व करने का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने सबसे गंभीर आरोप—विद्रोह का सरगना होने—पर फैसला देते हुए कहा कि उन्होंने कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की। अभियोजन पक्ष ने उनके लिए मौत की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने आजीवन कारावास को उचित माना।

मार्शल लॉ क्यों लगाया गया था

पूर्व राष्ट्रपति ने 3 दिसंबर 2024 की रात देश में मार्शल लॉ घोषित किया था। उनका दावा था कि विपक्ष के नियंत्रण वाली राष्ट्रीय सभा में मौजूद “राष्ट्र-विरोधी ताकतों” से निपटने के लिए यह कदम जरूरी है।घोषणा के साथ ही राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई और मीडिया को सैन्य नियंत्रण में लाने का आदेश दिया गया। सशस्त्र सैनिकों को संसद और राष्ट्रीय चुनाव आयोग तक भेजा गया, जबकि राजनीतिक विरोधियों की गिरफ्तारी के आदेश देने के आरोप भी सामने आए।

Read More : Singrauli Collector Gaurav Bainal Inspection : सिंगरौली प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: औचक निरीक्षण में खुली पोल, लापरवाह राजस्व अमले को कलेक्टर की सख्त चेतावनी

जनता के विरोध से टूटा फैसला

मार्शल लॉ की घोषणा के तुरंत बाद जनता सड़कों पर उतर आई। बड़ी संख्या में नागरिक संसद भवन के बाहर इकट्ठा हुए और सैनिकों का विरोध किया। इसी बीच सांसदों ने आधी रात में बैठक कर राष्ट्रपति के आदेश को निरस्त कर दिया। बढ़ते दबाव के कारण यून सुक येओल को सिर्फ छह घंटे के भीतर अपना फैसला वापस लेना पड़ा।

दशकों का सबसे बड़ा राजनीतिक संकट

इस पूरे घटनाक्रम ने दक्षिण कोरिया में दशकों का सबसे गंभीर संवैधानिक संकट पैदा कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
ताजा निर्णय को दक्षिण कोरिया की न्यायिक प्रणाली द्वारा लोकतंत्र की रक्षा के रूप में देखा जा रहा है और इसका असर देश की भविष्य की राजनीति पर लंबे समय तक पड़ सकता है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *