मऊगंज : मध्य प्रदेश के मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल पिछले करीब 40 दिनों से लगातार चर्चा में बने हुए हैं। उन्होंने खुद को कथित “मूसा गैंग” से खतरा बताया था, जिसके बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई थी।
पुलिस जांच में नहीं मिला गैंग का कोई अस्तित्व
मऊगंज एसपी दिलीप सोनी ने स्पष्ट किया है कि जिले में मूसा गैंग नाम का कोई सक्रिय आपराधिक गिरोह मौजूद नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड की जांच में भी इस तरह के किसी गैंग का आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया।
फर्जी जीडी एंट्री से शुरू हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक करीब एक साल पहले एक रोजनामचा (GD) में तत्कालीन थाना प्रभारी सनत कुमार ने बिना ठोस प्रमाण के मूसा गैंग का उल्लेख किया था। उस समय के एसपी अनुराग पांडे द्वारा कराई गई जांच में यह एंट्री फर्जी पाई गई। इस मामले में संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच अभी भी जारी है।
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डिप्टी सीएम ने दी लोकेशन की जानकारी
विधायक के लापता होने की अटकलों पर विराम लगाते हुए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रदीप पटेल कोलकाता में हैं और पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने साफ किया कि विधायक को किसी तरह का खतरा नहीं है।
परिवार और घटनाक्रम पर उठ रहे सवाल
डिप्टी सीएम के बयान के बाद अब यह सवाल उठने लगे हैं कि विधायक के परिजन घर पर ताला बंद कर मीडिया से दूरी क्यों बनाए हुए थे। साथ ही पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस मामले ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस जरूर छेड़ दी है।









