निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : इंदौर शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले करीब 70 साल पुराने शास्त्री ब्रिज को तोड़कर उसकी जगह 6 लेन का आधुनिक रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इस परियोजना को इंदौर नगर निगम और भारतीय रेलवे संयुक्त रूप से पूरा करेंगे।
समन्वय बैठक के बाद तेज हुई प्रक्रिया
कलेक्टर, सांसद और महापौर की समन्वय बैठक के बाद ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसी क्रम में नगर निगम, रेलवे और मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ट्रैफिक दबाव, संरचनात्मक स्थिति और नए ब्रिज की डिजाइन पर चर्चा हुई।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत
नया प्रस्तावित ब्रिज 6 लेन चौड़ा और अधिक ऊंचाई वाला होगा, जिससे बढ़ते यातायात दबाव को आसानी से संभाला जा सकेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ब्रिज को लगभग 5 मीटर ऊंचा करना आवश्यक है, ताकि रेल संचालन और सड़क यातायात दोनों सुरक्षित रह सकें।
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शहर के प्रमुख इलाकों को जोड़ता है शास्त्री ब्रिज
शास्त्री ब्रिज इंदौर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। यह रीगल चौराहा, पलासिया, एमजी रोड, राजवाड़ा, कलेक्ट्रेट, रेलवे स्टेशन, शास्त्री मार्केट और सियागंज जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ता है। रोजाना हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे यहां लंबे समय से जाम और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई थीं।
जर्जर हालत के कारण उठ रही थी मांग
ब्रिज की पुरानी संरचना और बढ़ते ट्रैफिक लोड को देखते हुए लंबे समय से नए ब्रिज की मांग की जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि नया ओवरब्रिज बनने से यातायात सुगम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और शहर के विकास को गति मिलेगी।













