निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ग्वालियर शहर की जर्जर सड़कों और नागरिक समस्याओं को लेकर एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया। मीडिया से बातचीत के दौरान जब पत्रकारों ने प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट से शहर की खराब सड़कों और जनसमस्याओं पर सवाल किया, तो माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
सवाल सुनते ही बदला मंत्री का तेवर
पत्रकार ने पूछा कि “महाराज के आने पर ही आप दिखाई देते हैं, शहर की समस्याओं से आपका कोई लेना-देना नहीं?” इस सवाल पर प्रभारी मंत्री नाराज नजर आए। उन्होंने सीधे जवाब देने के बजाय पत्रकार को ही नसीहत देना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई।
ठोस जवाब से बचते दिखे प्रभारी मंत्री
शहर की टूटी सड़कों, अधूरे विकास कार्यों और आम जनता की परेशानियों पर स्पष्ट प्रतिक्रिया देने के बजाय मंत्री ने विषय को टालने की कोशिश की। इस दौरान पत्रकारों और मंत्री के बीच हल्की बहस की स्थिति भी बनी, जिसने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग दे दिया।
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विपक्ष को मिला हमला बोलने का मौका
घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि शहर की बुनियादी समस्याओं पर जवाब देने के बजाय जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग सवालों से बच रहे हैं। विपक्ष ने इसे जनता के मुद्दों से दूरी का संकेत बताया।
शहर की सड़कों की हालत बनी बड़ी चिंता
ग्वालियर में कई प्रमुख मार्ग लंबे समय से खराब हालत में हैं, जिससे रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। नागरिकों की मांग है कि जल्द से जल्द मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू किए जाएं।









