Wednesday, September 30, 2026
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Dharsiwa Rice Mill Pollution : राइस मिल की एनओसी पर छिड़ा विवाद: पूर्व सरपंच पर लगे गंभीर आरोप, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

Dharsiwa Rice Mill Pollution : धरसिवा/पवनी (09 फरवरी 2026): रायपुर जिले के धरसिवा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पवनी में संचालित ‘राइस माउंट एक्ज़िम प्राइवेट लिमिटेड’ नामक राइस मिल ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। मिल से निकलने वाली तीव्र और दूषित दुर्गंध ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। सबसे ज्यादा चिंता स्कूल जाने वाले बच्चों को लेकर जताई जा रही है, क्योंकि मिल से महज कुछ ही दूरी पर प्राथमिक और माध्यमिक शालाएं संचालित हैं।

स्कूल के पास प्रदूषण से बढ़ी चिंता

ग्रामीणों के अनुसार, राइस मिल से निकलने वाली गंध इतनी तीव्र है कि आसपास खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है। मिल से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित स्कूलों में दिनभर सैकड़ों बच्चे रहते हैं। अभिभावकों को डर है कि लंबे समय तक इस दूषित हवा में रहने से बच्चों को सांस संबंधी और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ग्रामीण कार्तिक साहू और अरविंद साहू ने बताया कि यह समस्या बीते कुछ समय से लगातार बढ़ती जा रही है।

पंचायत और प्रशासन की चौखट पर ग्रामीण

पवनी के सरपंच झालेश्वर निषाद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि प्रबंधन को मौखिक चेतावनी दी गई थी, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। अब सोमवार को पंचायत की ओर से राइस मिल को औपचारिक लिखित नोटिस जारी किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यावरण विभाग को भी शिकायत भेजकर मिल के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।

एनओसी और पूर्व सरपंच पर आरोप

चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने राइस मिल की स्थापना को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व सरपंच ने ग्राम सभा की अनुमति लिए बिना ही राइस मिल को एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) प्रदान कर दी थी। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी शेष है, लेकिन इस मुद्दे को लेकर गांव में राजनीति भी गरमा गई है।

प्रबंधन का पक्ष: ट्रायल रन का हवाला

दूसरी ओर, राइस मिल के सुपरवाइजर प्रेम शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मिल अभी ‘ट्रायल रन’ (प्रायोगिक दौर) पर है। उन्होंने दावा किया कि प्रबंधन प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पूरी तरह सजग है और ग्रामीणों की शिकायतों पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले कुछ दिनों में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर दुर्गंध की समस्या को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। फिलहाल, ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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